Monday, November 11, 2013

मिथिलामे मनि रहल अछि सामा चकेवा पावनि

मुजफ्फरपुर/सहरसा : भाई बहिनक स्नेह आ पति पत्नीक स्वधर्म निर्वहन सऽ जुड़ल समाचकेवा पर्व मिथिलामे चलि रहल अछि। छठिक बादसं शुरू भेल एहि पर्व कऽ लऽ कऽ सांझ होइत देरी गामक घर आंगनमे गीतनाद शुरू भऽ जाइत अछि। लगभग एक सप्ताह पूजाक बाद कार्तिक पूर्णिमाक दिन सामाक विसर्जन कएल जाएत। पुराणमे सूत सोनक संवादके रूपमे सामाचकेवा कथाक उल्लेख अछि। एहि अनुसार भगवान श्री कृष्ण अपन बेटी सामा के वृन्दावण लग चुड़क द्वारा झूठ शिकायत कएल जेबा पर श्रापित कएल जेबाक गप्प कहल गेल अछि। भगवान अप्पन बेटी केँ पक्षी बनि कऽ वृन्दावनक आस पास विचरय के श्राप दऽ देलनि। एकर जानकारी भेटलाक बाद हुनक पति चारूवत्र सेहो भगवान शंकरक पूजा कऽ पक्षी बनय केर वरदान प्राप्त केलन्हि। इ जानकारी जखन सामाक भाई साम्ब के भेटल तऽ ओ भगवान विष्णुक आराधना कऽ अपन बहिन आ बहनोई के पक्षी सऽ मनुष्य रूप देबाक वरदान प्राप्त केलन्हि। एहि कारण सऽ समाचकेवा पर्व मनाओल जाइत अछि। एहि पावनिमे झूठ शिकायत करबाक कारणे चूड़क केर अग्निदहन कैल जाइत अछि ओतय मिट्टी केर सामा, साम्ब, सप्तऋषि आदि बना कऽ पूजा कएल जाइत अछि।

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