विद्यापति सऽ अछि मिथिलाक पहिचान : जगन्नाथ मिश्र
पटना : विद्यापति सऽ मिथिलाक पहिचान अछि। पूरा विश्व में मिथिला संस्कृति के विद्यापति स्थापित केलैथ हँ। इ बात बीतल शनिदिन राजीवनगर में मिथिला संस्कृति विकास समिति द्वारा आयोजित दू दिवसीय विद्यापति पर्व महोत्सवक उद्घाटन करैत पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र कहला। ओ कहलैथ जे विश्व में मिथिला पेंटिंग केर एकटा अलग पहचान अछि। सभ लोकक प्रयास से मैथिलीक विकाससंभव अछि। विद्यापतिक काव्य में सामाजिक आ राजनीतिक चिंतन भेटैत अछि।आइ हमार संस्कृति पर प्रहार भऽ रहल अछि एकरा लेल जरूरी अछि जे हम सभ अप्पन बच्चा के मैथिली सिखाबी। मैथिली जौँ लुप्त भऽ गेल तऽ हमर सभक पहिचान मिट जाओत। विधायक पूनम देवी कहलैथ जे विद्यापति जन-जन के कवि छलैथ। भरत त्रिपाठी कहलैथ जे मैथिली भाषा तऽ दू टा देश के जोड़ैत अछि। समारोह के प्रो. टीएन झा, अध्यक्ष अजय कृष्ण मिश्र आदि सेहो संबोधित केलैथ। एहि मौका पर दिलीप कुमार, महासचिव राम नरेश झा, सचिव संजीव कुमार झा, संयुक्त सचिव माया नंदन झा, संगठन सचिव शशि कांत चौधरी आ कोषाध्यक्ष प्रवीण कुमार पाठक आदि उपस्थित छलाह। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष दशरथ मिश्रकेलैथ। एकरा बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमक शुरूआत विद्यापतिक गीत सऽभेल जेकरा गिरीश मिश्रा आ रीता झा ने गेलैथ। एकरा बाद भरि राति दर्शक गीत संगीत पर झूमैत रहला।
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