Thursday, August 1, 2013

सूतल मैथिल आ मुंह तकैत मिथिला!

समस्तीपुर : कांग्रेस सरकार तेलंगाना पर अप्पन हरियर झंडी दऽ देलक। तेलंगाना आंदोलनकारीक जीत भेल। भारतक29 म राज्य तेलंगाना भऽ जाएत!
एम्हर अपनो क्षेत्र दिस मिथिला राज्यक मांग होइत रहैत अछि। मिथिला राज्यक मांग कोनो संस्था कियैक करैत अछि - या तऽ भाषायी आधारित राज लेल या फेर क्षेत्रीय असमानता जे बढ़ि गेल अछिओकरा कम करबाक लेल। ओना बिहार सरकारक रवैया मिथिला संगे सदैव उपेक्षापूर्णरहल अछि, जौँ इ कहब तऽ अतिशयोक्ति नहि होएत। एकटा टटका उदाहरण अछि दरभंगासं IIIT छीनि बिहटाकेँ दऽ देल गेल। पहिल प्रश्न तऽ इ उठैत अछि जे बिहटा केँ कियैक देल गेल ? दोसर जौँ बिहटा केँ देलो गेल तकरा बाद फेर मिथिलामे एकर स्थापना होए, एहि लेल की प्रयास भेल ? इहो सत्य अछि जे एकर कोनो खास विरोध कत्तौ नहि भेल सोशल साइट आदिकेँ छोड़ि!किछु आओर उदाहरण - बिहारक राज्य गीत आ राज्य प्रार्थना बनल, एहिमे मिथिलाक कत्तौ कोनो जगह नहि। एकरा बात एत्तौ ध्यान राखब जरुरी लेल एहियो लेल कत्तौकोनो विरोध नहि भेल।

भाजपा सांसद र्कीर्ति झा आजाद काल्हि सांझमे मिथिला राज्यक मांग उठौबैत कहला जे ओ एहि मांगकेँ संसदमे रखता, मुदा की मिथिलामे एकटा सांसद छथि ? आओर जे किछु छथि हुनका संस्था सभ द्वारा मोन पड़ाओल जाइत अछि जे आइ जंतरमंतर पर धरना छैक, संभव होए तऽ आबी। ऐनामे कोना ? सभ सांसदकेँ इ बात ध्यानमे रखबाक चाही जे हुनका लाखो केरसंख्यामे लोक सभ वोट दऽ काज करबा लेल पठौलनि मुदा सांसद वा विधायक इ गप्प बिसरि जाइत छथि। तेलंगाना मुद्दा पर जखन अंतिम फैसला आबय वला छल तखन अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समित निर्णय लेलक जे 5 अगस्तसं मिथिला राज्यक लेल संसदक सोझां धरना देल जाएत।

पश्चिम बंगालसं गोरखालैँडक मांग उठैतरहैत अछि। गोरखालैंड राज्यक मांगक गंभीरता एहि बात सऽ लगाएल जा सकैत अछिजे तेलंगानापर फैसला अबैत 72 घंटा लेल गोरखालैँडबंदक आह्वान कएल गेल अछि, क्षेत्रमे हाई एलर्टक घोषणा कएल जा चुकल अछि मुदा मिथिला लेल.....! गोरखावासी अप्पन अधिकारक लेल सजग छथि मुदा मिथिलावासी.....!
जे भी हो, तेलंगाना केँ पक्षमे निर्णय ऐबाक बाद छोट राज्यक मांग यथा बोडोलैँड, गोरखालैँड, विदर्भ, मिथिला, पूर्वाँचल, बुंदेलखंड, हरित प्रदेश आदि केर मांग जोर पकड़ि रहल अछि।
मिथिला जे पिछड़ल अछि ओकरा सभसं पैघ कारण अछि सूतल मैथिल। मैथिल केँ अप्पनअधिकारक बोध नहि भऽ रहल अछि, मैथिलकेँ मैथिलत्वक बोध नहि भऽ रहल अछि, इ जहियाजगता मिथिलामे विकासक लहरि चल पड़त।
खैर जहिया जगता तहिया नऽ अखन तऽ मिथिला तकैत रहैत अछि अप्पन उद्धारक केँ जे पिछड़ल मिथिला केँ विकसित मिथिला बनाओत।

मिथिला राज्यक मांग 100 बरखसं बेसी पुरान अछि। कतेको नव राज्यक मांग आएल आ पूर्ण भेल मुदा मिथिला आइ धरि मुंह तकैत.....!

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