Saturday, August 24, 2013

साहित्यकार मायानन्द मिश्र गंभीर रूपे बीमार

पटना/सहरसा : मैथिली आ हिंदीक वयोवृद्ध साहित्यकार 82 वर्षीय मायानन्द मिश्र गंभीर रूपे बीमार छथि, ओ स्थानीय रूबन अस्पतालक आईसीयूमे भर्ती छथि। हिनक इलाज डॉ. प्रतीक आ डॉ. प्रशांतक देखरेखमे चलि रहल अछि।
मंत्रपुत्रक लेल बरख 1988 मे साहित्य अकादमी द्वारा हिनका सम्मानित कएल गेल छल। हिनक पुत्र प्रो. विद्यानन्द मिश्रक अनुसार हिनका शरीरमे सोडियम केर कमी भऽ गेल अछि। बताबी जी हिनका एक बरख पहिले दिल्लीक गंगाराम अस्पतालमे पथरी केर सफल ऑपरेशन भेल छल। डॉ. मिश्र केँ भारत सरकारक साहित्य अकादमीक संग बिहार सरकार द्वारा ग्रियर्सन अवार्ड सेहो भेटि चुकल अछि। बरख 2007 मे हिनका प्रबोध साहित्य सम्मानसं सम्मानित कएल गेल अछि। मिश्रक जन्म 1934 मे बिहारक सहरसा जिलाक बनैनिया गाममे भेल छल। 1956 में प्रो. मिश्र ऑल इंडिया रेडियो पटनासं जुड़ला। बरख 1970 मे हिनका साहित्य अकादमीक एडवाईजरी बोर्डक सदस्य मनोनित कएल गेल छल। मायानंद मिश्रक 1967 मे राजकमल प्रकाशन नई दिल्लीसं प्रकाशित उपन्यास "माटी के लोग सोने की नईया" केँ हिंदी साहित्यमे आंचलिक सामाजिक रचनामे मिलक पाथर मानल जाइत अछि।

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