उपेक्षाक चरम पर अछि मिथिलाक धरोहर!
मधुबनी : जिलाक अंधराठाढ़ी प्रखंड मुख्यालय स्थित वाचस्पति संग्रहालयक स्थिति बदतर अछि। बिहार सरकारक सहयोगक अभावमे दुर्लभ पुरावशेष नष्ट होएबाक बाट पर अछि जखनकि एकर अधिग्रहण सरकार कऽ लेलक अछि। एहि संग्रहालयमे दू-तीन हजार बरख पुरान पुरावशेष संग्रहित अछि।
संग्रहालयमे अंधराठाढ़ी आ लगक गामसं प्राप्त सेन, पाल, कर्नाट वंशक संग-संग तांत्रिक सिद्धपीठ आ बौद्ध विहारक सबूत भेटैत रहल अछि। अंधराठाढ़ी प्रखंडक प्राय: सभ गाममे पुरावशेष भेटल अछि। पुरातात्विक महत्वक वस्तु जेना कारी महग पाथरक मूर्ति, पीतल, चांदी आ अष्टधातुक मूर्तिक धनी एहि प्रखंडमे प्राचीन डीहक भरमार अछि।
एकर स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्तरक पुरातत्वविद प्रेमी सहदेव झा 1969 मे केने छलथि जेकर अधिग्रहण सरकार बरख 2000 मे कऽ लेलक। बरख 1982-83 मे तत्कालीन एसडीओ व्यास जी, बीडीओ केके चौबे आ आनक सहयोगसं संग्रहालय भवनक निर्माण कएल गेल जेकर उद्घाटन 1988 मे तत्कालीन आयुक्त जी कृष्णन केने छलथि। जा धरि सहदेव झा जीवित रहला, संग्रहालय संरक्षित रहल।
एतय प्राचीन कमलादित्य स्थान, पस्टन बौद्ध विहार, बलिराजगढ़, रखवारी, हुलासपट्टी, वाचस्पति डीह, चंदेश्वर स्थान (हरड़ी) आ मुक्तेश्वर स्थान (देवहार) संगे आन स्थानसं संग्रहित वैदिक, पंच देवता, जैन, बुद्ध, इस्लाम, कर्नाट वंशकालीन सभ्यताक प्रतिमा कुषाण वंशकालीन कलश खंड, ब्राह्मी लिपियुक्त दू गोट सोनाक सिक्के, जैन धर्मक आदि तीर्थकर ऋषभदेवक प्रतिमा, तांबाक सिक्का, पत्थरक श्रीयंत्र, दुर्लभ यक्षिणीक प्रतिमा, टेराकोटाक खंडित प्रतिमा, जानवरक नाक, दांत, बुद्धकालीन कतेको पाथर संग्रहित अछि।
एतय भगवान बुद्धक सिर कटल दुर्लभ प्रतिमा अछि। एहिपर मानवीय त्वचा समान एहन रासायनिक लेप अछि जेकरा नोँचल पर दुधिया चमक देखाएत अछि आ फेर कनिके कालक बाद पूर्वावस्थामे आबि जाइत अछि। पस्टन डीहसं अमरावती शैलीक प्रतिमा सेहो भेटल अछि, एकरा संगे कतेको दुर्लभ पुरावशेष संग्रहित अछि।
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