Wednesday, December 17, 2014

सीतामढ़ी लहठीक आन राज्यमे मांग बढ़ल

सीतामढ़ी : सीतामढ़ीक लहठीक मांग नहि मात्र स्थानीय बाजार मे अछि, एतुक्का लहठी आब उत्तर प्रदेश आ दिल्लीक लोक पसंद कऽ रहल छथि आ यैह कारण अछि जे जिलामे लहठी उद्योग कुटीर उद्योगक हब बनि गेल अछि। सीतामढ़ी लहठीक धार्मिक महत्व सेहो अछि। मां जानकीक जन्मस्थली होएबाक कारणे एतुक्का लहठीक महत्व बढ़ि जाइत अछि।
 एतुक्का लहठी राम जन्मस्थली अयोध्या धरि पहुंचि रहल अछि। सीतामढ़ी एनिहार पर्यटक मां जानकीक दर्शनक बाद एतुक्का लहठी लऽ विदा लैत छथि। एतुक्का लहठी मुजफ्फरपुर, शिवहर, दरभंगा लगाइत राज्यक कोन कोन धरि जाइत अछि। बियाहक समयमे लहठीक मांग बढ़ि जाइत अछि। सीतामढ़ी जिलामे 200 सं फाजिल लहठीक छोट-पैघ उद्योग अछि। लहठी निर्माता लोकनि कहब अछि जे हम सभ जतेक निर्माण करैत छी, ओहि सं फाजिल एकर मांग रहैत अछि। पूंजीक कमी सं हम सभ पिछड़ि रहल छी। हिनक सभक कहब अछि जे स्थानीय बाजारक अपेक्षा यूपी उत्तर प्रदेश सं फाजिल आर्डर भेटैत अछि। उत्तर प्रदेशमे लहठी उद्योगक कमी नहि, मुदा जानकीक जन्म स्थली होएबाक कारणे फैजाबाद, अयोध्या, काशी, मथुरा आ इलाहाबाद सं लहठीक मांग फाजिल अछि। हिनक सभक कहब अछि जौँ सरकारी प्रोत्साहन भेटय तऽ देश भरि मे सीतामढ़ीक लहठीक धूम मचत।

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