इ केहन सुशासन छै? मुख्यमंत्रीक सभामें जाएलेल महिला आ लड़की लोकनिक ओढ़नी उतारल गेल !
जेकरा बिहारक विकास पुरूष कहल जाइत अछि, जेकर गप्प नवका दिल्लीसँ वाशिंगटन धरि भए रहल छै, ओकरा करिया रंगसँ एतैक भय की ओ महिला लोकनिक दुपट्टा उतरबा देतैक !! बेसी दिन नञिं भेल अछि, जेखन बिहारक गरीब किसान आ बेरोजगार आम लोकनि नितीश पर विश्वास कएने छलाह. आ दोबारा सत्तामें आनले छलाह.
फेन अचानक एहन की भए गेल की जे लोगनि नितीशके लोकतंत्रक नायक बनओने छलाह, ओकरे साथ खलनायक जकाँ बर्ताव होबए लगल !!
बौझाइत अछि की हुनक इ 'अधिकार यात्रा'क मुद्दा उलटिकए हुनके ख़िलाफ़ जनाक्रोशक मुद्दा बनि गेल अछि.
एहिंपर चुटकी कसैत लालू बाजलाह की लगता है अब काले बाल वाले को भी नीतीश की सभा में घुसने नहीं दिया जायेगा.
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