Friday, October 19, 2012

बिला जाओत साहिबगंजक जूट ?

लोकसभ केँ शायद याद होयत जे साहिबगंजक पटसन देशक कोन कोन धरि पसड़ल जूट मिलक संगे बांग्लादेश धरि जाइत छल।मुदा आजु एकर खेती करय वला किसानक मालीहालत खराब अछि।वो एकरा स्थान पर दोसर फसल उपजा कऽ जीविकोर्पाजन कऽ रहल छैथ।यदि एकर खेती के बढ़ावा भेटय तऽ कागज आ अन्य उद्योग केँ लाभ भेटि सकैत अछि।कृषि पदाधिकारी सेहो इ मानैत छथि जे एतुक्का जमीन जूटक खेती लेल उपयुक्त अछि।मुदा समुचित बाजारक अभाव अछि।जिलाक चारि टा प्रखंड राजमहल,उधवा,साहिबगंज­ आ बरहड़वा केर गंगा क्षेत्र में जूटक खेती कैल जायत अछि।अखनो लगभगि 20 हजारक आबादी एहि पर आश्रित अछि। राजमहल,उधवा,बरहड़वा,साहिबगंज में उत्पादित होय वला जूट बांग्लादेश धरि जाय छल।1950 सऽ 80 धरि एक हजार से बेसी एकड़ में जूटक खेती होयत छल।गुमानी नदी केर गोद में बसल इलाका में कखनो जूटक खेती होयत छल।जहिया सऽ भारत आ बांग्लादेशक बंटवारा राजनीतिक कारण सऽ भेल, जूटक खेती प्रभावित होयत चलि गेल।श्रीधर हाटपाड़ाक कृषि मंडी सऽ कोलकाताक संग बहुतो जगह पर एकरा पठाओल जाइत छल।पटसनक फसल तीन महिना में तैयार होयत अछि।काटलाक बाद 15-20 दिन धरि पानी में राखल जायत छल।पाट निकालि कऽ बचल सनाठी के कागज बनाबय के काज में आनल जायत अछि।किसान जलावनक रुप में एकर प्रयोग करैत छैथ।

कृषि पदाधिकारी मानैत छैथ जे ग्लोबल प्रभावक कारण जूटक खपत घटि रहलअछि।जे बोरा जूट से बनैत छल ओ आब बंद होयत जा रहल हँ आ ओकरा स्थान पर प्लासटिकक बोराक प्रयोग भऽ रहल अछि। गुमानी के कमील अहमद बताबय छैथ जे हुनक क्षेत्र में अखनो जूटक खेती भऽ रहल अछि जेकरा पशुपालक पशु के
बांन्हय लेल पगहा आ रस्सी बनाबैत छैथ।

साहिबगंजक जिलाक कृषि पदाधिकारी मार्शल खलको बताबय छैथ जे राजमहल आ उधवा केर अलावा सदर प्रखंड में पहिले बहुत मात्रा में जुटक फसल होयत छल मुदा आब कम भऽ रहल अछि।

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