आजाद आइ बतौलनि जे प्रस्तावित विधेयक मिथिला उत्तर बिहार आ उत्तर पूर्व झारखंडक क्षेत्रमे रहनिहार करीब चारिकरोड़ मैथिली भाषीक विकास लेल जरुरी अछि। एकरा ध्यानमे रखैत ओ बिहार आ झारखंड पुनर्गठन विधेयक 2013 लोकसभामे रखने छलथि जाहि पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अप्पन स्वीकृति दऽ देलनि आ आब अगिल सत्रमे एहि पर बहस होएत।
ओ बतौलनि जे लोकसभा सचिवालयक अतिरिक्त निदेशक वीके मोहन चिट्ठी लिखि हुनका इ जानकारी देलनि। चिट्ठीमे कहल गेल अछि जे केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह निर्देशित केलनि जे राष्ट्रपति हुनकाद्वारा लाओल गेल बिहार आ झारखंड पुनर्गठन विधेयक केँ लोकसभामे विचारकलेल स्वीकृतिक अनुशंसा केलन्हि। अगिला सत्रमे पहिल दिन एकरा विमर्शक लेल राखल जाएत।
आजाद कहलनि जे मिथिला अलग राज्यक दर्जा पेबा लेल सभ जरूरी अहर्ता पूरा करैत अछि। एकर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संस्कृति आ कलाक क्षेत्रक संग-संग राज घरानासं पुरान इतिहास रहल अछि। ओ मिथिला राज्यक भौगोलिक स्थितिक चर्चाकरैत बतौलनि जे उत्तर बिहारक दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, जमुई, कटिहार, खगडिम्या, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, शेखपुरा, सुपौल, वैशाली, अररिया, मुंगेरक संग संग झारखंडक साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, जामताड़ा आ गोड्डाकेँ मिलाकर पृथक मिथिला राज्य प्रस्तावित अछि।
very good effort by Shri Azad ji
ReplyDeleteEhi session me kiyek ni bhel ?
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