मिथिला प्राइम : जी, मैथिलीक एकटा चैनल छल सौभाग्य मिथिला, जे आब नहि अछि। इ चैनल बंद भऽ गेल। मैथिलीमे एकटा इतिहास लिखबा लेल निकलल सौभाग्य मिथिला अपनहि इतिहास बनि गेल। इतिहास एहिलेल कियैक तऽ मैथिलीमे मिथिला मिहिरक बाद कोनो एहन पत्र वा पत्रिका नहि अछि जेकर रचना लोककेँ दिमागमे होए। सच कही तऽ रचना अछिये नहि। ऐनामे सौभाग्य मिथिलाक किछु कार्यक्रम जरूर याद राखल जाएत। हमरा नजरिमे यैह एकर सबसं पैघ उपलब्धि कहल जा सकैत अछि। भारतीय टीवीक इतिहासमे इ चैनल जे घसल अठंनीसं छाप छोड़ल, इतिहासकार जरूर रेखांकित करैत रहता। आनंद फिल्ममे जेना आनंद(राजेश खन्ना) तेनाहि सौभाग्य मिथिलाक मृत्यु एकटा एहन रोगीक मृत्यु अछि जेकरा अपनहुं अप्पन मृत्युक इंतजार छल। आब प्रश्न इ अछि जे एहि रोगक इलाज के करत। मैथिली मीडियामे अखन धरि किछु लोक यैह बुझैत छथि जे ओ इतिहास रचि रहल छथि, मुदा शायद हुनका पता नहि जे वो इतिहास बनि रहल छथि। निरंतरता आइयो सबसं पैघ चुनौती अछि।
लेखक : गगन झा(नई दिल्ली)
मैथिलीक एकटा चैनल छल सौभाग्य मिथिला
मिथिला प्राइम : जी, मैथिलीक एकटा चैनल छल सौभाग्य मिथिला, जे आब नहि अछि। इ चैनल बंद भऽ गेल। मैथिलीमे एकटा इतिहास लिखबा लेल निकलल सौभाग्य मिथिला अपनहि इतिहास बनि गेल। इतिहास एहिलेल कियैक तऽ मैथिलीमे मिथिला मिहिरक बाद कोनो एहन पत्र वा पत्रिका नहि अछि जेकर रचना लोककेँ दिमागमे होए। सच कही तऽ रचना अछिये नहि। ऐनामे सौभाग्य मिथिलाक किछु कार्यक्रम जरूर याद राखल जाएत। हमरा नजरिमे यैह एकर सबसं पैघ उपलब्धि कहल जा सकैत अछि। भारतीय टीवीक इतिहासमे इ चैनल जे घसल अठंनीसं छाप छोड़ल, इतिहासकार जरूर रेखांकित करैत रहता। आनंद फिल्ममे जेना आनंद(राजेश खन्ना) तेनाहि सौभाग्य मिथिलाक मृत्यु एकटा एहन रोगीक मृत्यु अछि जेकरा अपनहुं अप्पन मृत्युक इंतजार छल। आब प्रश्न इ अछि जे एहि रोगक इलाज के करत। मैथिली मीडियामे अखन धरि किछु लोक यैह बुझैत छथि जे ओ इतिहास रचि रहल छथि, मुदा शायद हुनका पता नहि जे वो इतिहास बनि रहल छथि। निरंतरता आइयो सबसं पैघ चुनौती अछि।
लेखक : गगन झा(नई दिल्ली)
sayad hum sab seho ai rogi ke mout ke jimewar 6i,
ReplyDeleteS̶a̶u̶b̶h̶a̶g̶y̶a̶ Dur-bhagya Mithila .
ReplyDeleteमिथिला के ई सौभाग्य निर्न्तार्ताक टखने हेतैक जकहं मिथिला राज्य बनत - टखने संवाद माध्यम के विज्ञापन सेहो भेटतैक- मिथिलाक विरोधी मैथिल अछि आन नहि ..सौभाग्य मिथिला मिथिला राज्य लेल लड़ैत रहल - प्रफुल्ल्जी , पाठकजी सबके याद बनल रहत
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