मधुबनी : 17 जनवरी सं शुरू भेल बलिराजगढ़ के पहिल चरण क उत्खनन काज केँ रोकि देल गेल आ कोरल गेल ठाम केँ बालू सं भरि देल गेल अछि। ऊपर सं पोलीशीट देल गेल अछि जाहि सं अखन धरिक भेल कोराइ केँ क्षति नहि पहुंचय। कोरबाक काज आ प्राप्त अवशेष क वीडियोग्राफी बनाएल गेल अछि। प्राप्त भेल अवशेष केँ पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, पटना पठाएल गेल अछि।
कियैक रुकल उत्खनन :
आर्कियोलोजिकल सर्वे आफ इंडिया, पटना सर्कल क मदन सिंह चौहान बतौलनि जे काज आ सुरक्षाक दृष्टिकोणे गरमी आ बरखा क समय उत्खनन लेल नीक नहि होइत छैक तैँ काज केँ रोकल गेल अछि मुदा पहिल सत्रमे 30 सितम्बर धरिक स्वीकृति प्राप्त अछि।
अखन धरि की भेटल :
किलाक उत्तरी छोरक बीचमे कोरला सं आवासीय चरणक साक्ष्य भेटल अछि। मृण मूर्ति, बच्चाक खिलौना टेराकोटा, पत्थरक मनका, सीलिंग वाल, लोहाक साक्ष्य, श्रृंगार आभूषण सं सुसज्जित नारीक विखंडित मृण मूर्तिया, ब्राह्मी लिपिमे उद्धृत मुहर, सूरमा लगाबय वला शलाक, कांच आ मिट्टीक चूड़ी आदि।
कियैक रुकल उत्खनन :
आर्कियोलोजिकल सर्वे आफ इंडिया, पटना सर्कल क मदन सिंह चौहान बतौलनि जे काज आ सुरक्षाक दृष्टिकोणे गरमी आ बरखा क समय उत्खनन लेल नीक नहि होइत छैक तैँ काज केँ रोकल गेल अछि मुदा पहिल सत्रमे 30 सितम्बर धरिक स्वीकृति प्राप्त अछि।
अखन धरि की भेटल :
किलाक उत्तरी छोरक बीचमे कोरला सं आवासीय चरणक साक्ष्य भेटल अछि। मृण मूर्ति, बच्चाक खिलौना टेराकोटा, पत्थरक मनका, सीलिंग वाल, लोहाक साक्ष्य, श्रृंगार आभूषण सं सुसज्जित नारीक विखंडित मृण मूर्तिया, ब्राह्मी लिपिमे उद्धृत मुहर, सूरमा लगाबय वला शलाक, कांच आ मिट्टीक चूड़ी आदि।

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