Friday, July 4, 2014

मिथिला प्राइम : लड़ैत-जूझैत सफलताक दू बरख

मिथिला प्राइम : मिथिला प्राइम आइ 4 जुलाई अर्थात शुक्रकेँ दू बरखक भऽ गेल, जखन एकर शुरुआत 4 जुलाई 2012क भेल छल तखन एकटा ब्लाग जेँका मुदा आब ओ ब्लाग पूर्ण साइटक रुप लऽ लेलक अछि। शुरुआतमे किछु लोक केँ 'प्राइम' शब्दसं आपत्ति छल मुदा किछु नव करबाक उद्देश्यमे ओकरा नहि बदलल गेल आ आब ओहो सभ मिथिला प्राइमकेँ पसिन करैत अछि।

आखिर कियैक भेल छल मिथिला प्राइम केर आवश्यकता : अखुनका समयमे लोक कम सं समयमे बेसी चीज चाहैत छथि। भागमभागक जिनगीमे कतेक लोक केँ आब समय छन जे फुर्सत मे रहि अखबार पढ़ता वा टेलीविजन देखता आ जौँ पढ़बो आ देबबो करता तऽ अप्पन मातृभाषा मैथिलीमे कतय ? जखन एकर शुरुआत भेल छल तखनो मैथिलीमे इपेपर वा ब्लाग छल मुदा ओहिमेसं अधिकतर या तऽ बिहार पर केँद्रित वा उत्तरी मिथिला वा नेपालक मिथिला क्षेत्रक समाद पड़सैत छल आ अखनो पड़सि रहल अछि। मिथिला प्राइम 'मिथिलाक गप्प मैथिली मे' भारत आ नेपालक मिथिला क्षेत्रक समाद पड़सब शुरु केलक जे आइ धरि पड़सि रहल अछि आ जौँ पाठकक सहयोग भेटैत रहत तऽ मैथिलीमे मिथिलाक समाद प्रसारित करैत रहत!

आगूक योजना : मिथिला प्राइम आबय वला समयमे अप्पन नेटवर्क केँ आओर मजगूत करबाक प्रयास करत, संगे वेबसाइट के आओर आकर्षित करबाक प्रयास करत, सोशल मीडिया पर बेसी सं बेसी पाठक सं जुड़बाक कोशिश करत!

कहबी लेल तऽ मैथिली पत्रकारिता अप्पन 100 बरख पूर्ण कऽ चुकल अछि मुदा जतेक काज हेबाक चाही शायद ओतेक नहि भऽ सकल अछि तैँ डेग आगू बढ़ेबाक समय छैक, एक-दोसराक सहयोग कऽ आगू बढ़ू आ बढ़ैत रहू। विकास ठाकुर, मुजफ्फरपुर(मिथिलाक) रहनिहार आ अखन पढ़बा लेल प्रवासमे जालंधर रहि रहल छथि, हुनक सहयोग बिसरल नहि जा सकैछ।

आदित्य

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