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Monday, February 3, 2020

भारत रंग महोत्सव: दिल्ली में मंचित होएत मैथिली नाटक 'राजा सलहेस'

एनएसडी साइट सं साभार
नई दिल्ली : 21म भारत रंग महोत्सवमे मे मैथिली एक बेर फेर पहुंच गेल अछि.

6 फरवरी कें सांझ 6 बजे नारी उद्गार संस्थान मैथिली नाटक राजा सलहेस (नटुआ नाच) क' मंचन करत. एकर निर्देशन यदुवीर यादव करताह. 'राजा सलहेस' ,महेंद्र मलंगिया द्वारा लिखल गेल अछि.

नाटकक' प्रस्तुति राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, मंडी हाउस, नई दिल्ली मे होएत. नाटक करीब दू घंटाक अछि.

टिकट क' बुकिंग आहां ऑनलाइन सेहो क' सकैत छी. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा परिसर सं टिकट सेहो लेल जा सकैत अछि. टिकट क' दाम 50 टका सं शुरू अछि.

पिछला बरख भारत रंग महोत्सव मे मैलोरंग 'धूर्त समागम' क' मंचन केने छल जेकर खूब प्रशंसा भेल छल.

नाटक क' मादे

राजा कुलहेसर क' बेटी, राजकुमारी चंद्रावती, देवी दुर्गा सं राजा सलहेस सं विवाह क' वरदान मांगय छथि. देवी दुर्गा राजकुमारी चंद्रावती आ राजा सलहेस क' सपना में अबै छथि आ दुनु गोटें कें एक ठाम राजा कुलेसर क' बगिया मे भेंट करबाल लेल कहै छथि.

लेकिन सलहेस चंद्रावती सं विवाह क' ल' मना क' दै छथि. राजा सलहेस कें बंदी बना लेल जाएत अछि. सभटा एतहि पढ़ब? टिकट लिए आ नाटक देख' जाऊ.

Friday, August 3, 2018

Video: मिथिला राजक मांग ल' कीर्ति आजाद संसद मे उठेलनि आवाज


लोकसभा मे बीतल बृहस्पति दिन दरभंगा क' भाजपा सांसद कीर्ति आजाद उत्तर बिहार क' मिथिला क्षेत्र कें अलग राज बनेबाक मांग उठेलनि.

शून्यकाल में भाजपा सदस्य कीर्ति आजाद कहलनि जे उत्तर बिहार क' मिथिला क्षेत्र कृषि, शिक्षा मे मजगूत रहल अछि मुदा एखुनका समय मे मिथिला मे कतेको उद्योग बंद होएबाक बाद हालात खराब छैक. बाढ़ि, सुखाड़ सन प्राकृतिक विपदा कें कारणे क्षेत्र क' लोक के बड्ड दिक्कत भ' रहल छैक.

वीडियो देखू.
आज़ाद कहलनि जे सांस्कृतिक आओर भाषाई आधार पर मिथिला के अलग राज बनेबाक मांग संवैधानिक रूपे उचित अछि आ केंद्र सरकार के एहि दिस ध्यान देबाक चाही.

Thursday, August 2, 2018

संपादकीय: अप्पन धिया-पुता कें आधुनिक शिक्षा देब मुदा दोसरा कें मैथिली-मैथिली चिचिया उकसाएब?

नेपाल प्रदेश 2 के मैथिली विद्वान सभक नाम एकटा चिट्टी

श्रीमान महान मैथिल विद्वानगण!

अहां सभमे सं कियौ बताएब जे अहां सभ हमरा सभ सन आम आदमी कें कोन रंगक मैथिली सिखायब? 600 बरख पहिलुका संभ्रांत बिद्यापति ठाकुर कालीन तिरहुतिया/पुरोहितिया मैथिली अहां सभ सिखाएब की दरभंगा राज बला राजकीय मैथिली सिखाएब? आखिर मैथिली क' परिभाषा की अछि अहांक नजरि मे? आओर मैथिली क' टेक्स्ट बुक सभ दरभंगा प्रकाशन सं छपाएब? गणित, विज्ञान सभटा मैथिलीए मे पढ़ेबे की? ओना हम बुझि रहल छी जे कथित मैथिल विद्वान बनि अहां सभ अप्पन रोजी-रोटी चमकाबय मे कोन तरहें लागल छी.

अहां के बता दी जे हम साधारण स्थानीय ठेठी बोली बुझैत छी जेकरा अहां सभ अशुद्ध बुझैत छी आ अपवित्र सेहो बुझैत होएब, एहि लेल मैथिली-मैथिली चिचिया के अहां स्थानीय भाषा क' अनादर आ ओकरा सम्पन्न करबा मे लागल छी. खैर, अहां सभ कें राजा-महाराजा राज क' राजकीय भाषा मुबारक. एतहि पहाड़ क' लोक 1950क' संधि अनुसार भारतीय सरकारी सेवा क' लाभ सेहो उठा रहल छथि मुदा प्रदेश 2 क' दू जिल्ला क' पुरबिहा संभ्रांत लोक कें बस क्षणिक तुष्टि मे मजा आबि रहल छन.

अहां सभकें सामान्य जनताक जन-जीविका सं सरोकार रखनिहार भविष्य क' मादे सोचबा सं पाप लागत. अहां सब सिर्फ अपनहि अगिलका लोक सभ के आगू बढ़ाबैत रही, यैह त' अहां सभ चाहैत छी. सरकारी सेवाक मे पद त' होएत मुदा ओ मात्रे टा स्पेशल लोक सभ लेल आरक्षित रहत किएक त' पारिवारिक भाषा मे कामकाजी भाषा होई त' आओर की चाही?

देखा रहल अछि जे भारत क' मिथिला राज बला सभ ओम्हर फेल भ' गेलथि त' एम्हर आगि लगा रहल छथि. अपने भारत के धर्म निरपेक्ष रखता आओर नेपाल के कट्टर हिंदू देश बनौताह. कखन धरि हम सभ हुनक झांसा मे आबैत रहब? कहिया वर्तमान मे जीएब शुरू करब?

जौं नेपाल क' शासक सभ मध्यकालीन समय क' भानुभक्त कालीन या मोतीराम भट्ट कालीन खस-भाषा के लागू केने रहितथि त' आई हम सभ कोन तरहक खस भाषा स्कूल मे पढ़ि रहल होइतहुं अहां अंदाजा लगा सकैत छी. की अहुं सभ मैथिली कहि वैह मध्यकालीन कें दोहरायब?

अहां सभ जाहि तरहें मैथिली बोली आ लिखावट क' ओकालत क' रहल छी ओ यथार्थ धरातल सं दूर अछि, लेख्य भाषा आ कथ्य भाषा मे कोनो तारतम्य नहि छैक तैयो अहां सभ अप्पन महाकवि बिद्यापति आओर ललका पाग कें पूरा मध्य-मधेश मे लादय चाहैत छी. अप्पन घर क' धिया-पुता कें आधुनिक शिक्षा इंग्लिश, नेपाली, हिंदी मे पढ़ाएब मुदा दोसरा कें मैथिली-मैथिली चिचिया उकसाएब?

“ओना ब्यक्तिगत रुपस कैह दी जे हमरा अपन गाम घर में बोलइवाला हमर मातृभाषा-बोली के हम बिरोधी नै छिए मुदा बात रैह गेलै बर्तमानमे कामकाजी भाषाके रूपमे एकर उपयोगिता आ सांदर्भिकता के बारे मे. आई-काइल्ह जई तरिका स मैथिली कैहके जोन बोली आ लेखावट के बिकास करके प्रयास हो’रहल है से भाषा बिज्ञान के हिसाब से सेहो बहुते त्रुटिपूर्ण छै.”

एकटा बात मोन राखू, मधेश आंदोलन मात्रे प्रदेश 2 कें मिथिला राज बनेबाक लेल नहि भेल छल, पूरा मधेश कें “एक मधेश-एक प्रदेश” क' नारा द' उपेंद्र यादव जी राजनीति क' शिखर पर पहुंचल छलथि. आब ओ दोसर बाट ध' लेलथि त' की जनता के सेहो हुनका पाछू चलि जेबाक चाही?

हम सभ मधेसी टूटि क' नहि जुड़ि क' राजसत्ता सं संघर्ष करब तखनहि सफल भ' सकब. बस खंड-खंड मे बांटि एकल भाषा आओर एकल जातीय आधार पर राजनीति करब त' अहां केंद्रीय सत्ता के खुश करबाक काज करब, हुनकर काज आसान करब. ओ त' यैह चाहैत छथि.

ई जे हमर हिंदी प्रस्फुटन अछि, कोनो औपचारिक अध्यन बिना अछि, जौं औपचारिक अध्यन हिन्दी मे होएत त' शायद नीक प्रयास होएत. आजुक समयमे हिंदी क' उपयोगिता जेना तरकारी मे मस्सलाक होइत अछि तेनाही हमर दैनिक बोली-व्यवहार मे अछि, एकरा स्वीकार करबा मे हिचकिचेबाक कोनो जरुरत नहि. सभ मित्र सं निवेदन अछि जे हम सभी क्षणिक स्वार्थ त्यागि, विविधता मे एकता युक्त मधेश क' मादे संकल्प करी. पूब-पश्चिम मधेश के एक करबाक सोची.

ई लेख हिमालिनी डॉट कॉम लेल बिनोद पासवान लिखने छथि. एतहि अहां ओहि लेख क' मैथिली अनुवाद पढ़ि रहल छलौं.

Sunday, July 22, 2018

बिहार के विशेष राजक दर्जा नहि मिथिला के भेटय स्पेशल पैकेज: सांसद पप्पू यादव

जन अधिकार पार्टी क' संरक्षक आ सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव कहलनि जे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा मे विशेष राजक मांग के नकारि देलाक बाद ई मुद्दा देश मे खत्म भ' गेल. बिहार क' मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेहो विशेष राजक मांग छोड़ि बिहार क' अलग-अलग क्षेत्र मगध, मिथिला-कोसी लेल विशेष पैकेज क' मांग करबाक चाही.

लोकसभा मे शुक्र दिन अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान सं पहिले वॉकआउट करनिहार सांसद पप्पू यादव कहलनि जे सदन मे अविश्वास प्रस्ताव बहस क' बीच नहिए सत्तापक्ष आ नहिए विपक्ष बिहार क' कोनो मुद्दा पर चर्चा केलक. यादव कहलनि जे बिहार मे आयल बाढ़ि पर चर्चा कयल गेल आ नहिए और नहिए रौदी पर. नहिए बेरोजगारी पर गप्प कयल गेल आ नहिए बिहार के देल गेल कथित विशेष पैकेज पर. एना मे सदन मे रहबाक कोनो औचित्य नहि छल.

यादव कहलनि जे आब बिहार क' मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लग कोनो मुद्दा नहि बचल अछि. नीतीश कुमार कें आब बिहार क' अलग-अलग क्षेत्र लेल विशेष पैकेज क' मांग करबाक चाही.

Friday, July 4, 2014

मिथिला प्राइम : लड़ैत-जूझैत सफलताक दू बरख

मिथिला प्राइम : मिथिला प्राइम आइ 4 जुलाई अर्थात शुक्रकेँ दू बरखक भऽ गेल, जखन एकर शुरुआत 4 जुलाई 2012क भेल छल तखन एकटा ब्लाग जेँका मुदा आब ओ ब्लाग पूर्ण साइटक रुप लऽ लेलक अछि। शुरुआतमे किछु लोक केँ 'प्राइम' शब्दसं आपत्ति छल मुदा किछु नव करबाक उद्देश्यमे ओकरा नहि बदलल गेल आ आब ओहो सभ मिथिला प्राइमकेँ पसिन करैत अछि।

आखिर कियैक भेल छल मिथिला प्राइम केर आवश्यकता : अखुनका समयमे लोक कम सं समयमे बेसी चीज चाहैत छथि। भागमभागक जिनगीमे कतेक लोक केँ आब समय छन जे फुर्सत मे रहि अखबार पढ़ता वा टेलीविजन देखता आ जौँ पढ़बो आ देबबो करता तऽ अप्पन मातृभाषा मैथिलीमे कतय ? जखन एकर शुरुआत भेल छल तखनो मैथिलीमे इपेपर वा ब्लाग छल मुदा ओहिमेसं अधिकतर या तऽ बिहार पर केँद्रित वा उत्तरी मिथिला वा नेपालक मिथिला क्षेत्रक समाद पड़सैत छल आ अखनो पड़सि रहल अछि। मिथिला प्राइम 'मिथिलाक गप्प मैथिली मे' भारत आ नेपालक मिथिला क्षेत्रक समाद पड़सब शुरु केलक जे आइ धरि पड़सि रहल अछि आ जौँ पाठकक सहयोग भेटैत रहत तऽ मैथिलीमे मिथिलाक समाद प्रसारित करैत रहत!

आगूक योजना : मिथिला प्राइम आबय वला समयमे अप्पन नेटवर्क केँ आओर मजगूत करबाक प्रयास करत, संगे वेबसाइट के आओर आकर्षित करबाक प्रयास करत, सोशल मीडिया पर बेसी सं बेसी पाठक सं जुड़बाक कोशिश करत!

कहबी लेल तऽ मैथिली पत्रकारिता अप्पन 100 बरख पूर्ण कऽ चुकल अछि मुदा जतेक काज हेबाक चाही शायद ओतेक नहि भऽ सकल अछि तैँ डेग आगू बढ़ेबाक समय छैक, एक-दोसराक सहयोग कऽ आगू बढ़ू आ बढ़ैत रहू। विकास ठाकुर, मुजफ्फरपुर(मिथिलाक) रहनिहार आ अखन पढ़बा लेल प्रवासमे जालंधर रहि रहल छथि, हुनक सहयोग बिसरल नहि जा सकैछ।

आदित्य

Saturday, May 4, 2013

15 मईसं शुरू होएत भागलपुरसं हवाई सेवा

भागलपुर : क्षेत्रक लोक लेल एकटा सुखद समाद इ अछि जे आगामी 15 मई सँ भागलपुर एयरमैप पर आबि जाएत। निजी विमानन कंपनी स्काईफिशर एयरवेज लिमिटेड, भागलपुरसं हवाई सेवा शुरू करबाक घोषणा केलक अछि। भागलपुरसं खुजलाक बाद विमान पटना, गया होइत वाराणसी धरि जाएत। फेर एहि मार्गसं वापस आएत। प्रतिदिन एक सेवा उपलब्ध होएत। इ जनतब स्काईफिशर एयरवेज लिमिटेडक मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषिकेश मिश्रा देलनि।
ओ बतौलनि जे पटना धरिक भाड़ा 2500-3000 रुपया आ वाराणसी धरिक भाड़ा लगभगि 6000 हजार रुपया रहत। स्काईफिशर एयरवेज एहि संबंधमे जिलाधिकारी केँ सूचित केलक अछि। डीएम केँ लिखल पत्रमे प्रबंध निदेशक कहलनि जे, सिंगल इंजन वला इ एयरक्राफ्ट 12 सीटक अछि। एकर निर्माण सेसना एयरक्रांफ्ट कंपनी केलक अछि। प्रबंध निदेशक डीएमसं लैंडिंग आ पार्किंग चार्ज संग सुरक्षा, फायर ब्रिगेड आ एंबुलेंस पर होमय वला प्रशासनिक खर्चाक जानकारी मंगलनि। प्रबंध निदेशक कहलनि जे, चार्टर ऑपरेशन, मेडिकल इमरजेंसी सर्विस आ कार्गो सर्विसक अंर्तगत सेहो सेवा देबाक प्रस्ताव अछि।
प्रबंध निदेशकक अनुसारे भागलपुरसं परिचालन शुरू करबामे हुनका कोनो टा परेशानी नहि अछि। राज्य सरकारक एकटा समितिसं हवाई सेवाक संबंधमे एप्रूवल भेटल अछि। सेवा शुरू करबाक संबंधमे मुख्यमंत्री सचिवालय प्रतिदिन काज पर नजर राखि रहल अछि। सरकार दिससं जिला प्रशासन केँ निर्देश सेहो देल गेल अछिजे यथाशीघ्र सभटा सुविधा उपलब्ध कराओल जाए। राज्य सरकारक प्रधान सचिव संग नगर विमानन विभागक प्रभारी प्रधान सचिव सेहो डीएमसं कतेको बेर संपर्क केलन्हि। सूत्रक मानी तऽ, विकास आयुक्त फूल सिंह स्वयं एहि मामला केँ देखि रहल छथि।

Thursday, May 2, 2013

मिथिलाक अभ्यारण्यमे बाघिन देलक तीन शावक केँ जन्म

पश्चिमी चंपारण : मिथिलाक एकमात्र बाघ अभयारण्यमे एकटा बाघिन तीन टा शावकक जन्म देलक अछि। एहि क्षेत्रमे डेढ़ बरख पहिले सेहो एकटा बाघिन शावक केँ जन्म देने छल। इ जनतब एकटा अधिकारी बीतल बुधदिन देलनि।
पश्चिमी चंपारण जिलामे स्थित वाल्मीकि बाघ अभयारण्यक निदेशक संग वन संरक्षक संतोष तिवारी कहलनि जे 'वाल्मीकि अभयारण्यक मुरदापुर वन क्षेत्रमे एकटा बाघिन तीन शावक केँ जन्म देलक अछि। इ हमरा सभ लेल एकटा सकारात्मक विकास अछि।
ओ बतौलनि जे अभयारण्यक अधिकारी शावक केँ जीवन सुनिश्चित करबाक लेल कैमरासं निगरानी रखता। एहि क्षेत्रमे 2011 मे एकटा अन्य बाघिन तीन गोट शावक केँ जन्म देने छल, मुदा ओहिमेसं एकटा जन्म लेलाक तुरंत बाद मरि गेल छल।
अभयारण्यमे 20 गोट बाघिन अछि। तिवारी तीन शावक केँ जन्मक श्रेय अनुकूल परिस्थिति केँ देलनि। ओ बतौलनि जे अभयारण्यक चारागाह पछिला कतेको बरखसं बाघ केँ आकर्षित करैत रहल अछि। इ अभयारण्य बिहारक राजधानी पटनासं 200 किलोमीटर दूर अछि। (साभार : आज तक)

Wednesday, May 1, 2013

CBSE मे मैथिली चाही!

नई दिल्ली : आगामी 3 मई केँ दिल्लीमे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक नेतृत्वमे भारतक शिक्षा मंत्री भारत सरकार केँ एकटा ज्ञापन देल जाएत जाहिमे पुरजोर रूपे एही बातक मांग कएल जाएत जे C.B.S.E. बोर्ड मे मैथिली केँ एकटा ऐच्छिक विषयक रूपे जोड़ल जाए, कियैक तऽ 32 गोट भाषा जखन शामिल अछि तखन फेर मैथिली कियैक नहि| एकटा आओर ज्ञापन रेलमंत्री, भारत सरकार सेहो देल जाएत जाहिमे इ मांग कएल गेल अछि जे मिथिलाक समस्त रेलवे टीसन पर मैथिलीमे उद्घोषणा होए, जाहिसं मैथिलीक प्रचार-प्रसार होएत संगे तेसर आ अंतिम ज्ञापन सूचना आ प्रसारण मंत्रालय केँ देल जाएत जाहिमे संयुक्त रुपे इ मांग कएल गेल अछि जे समस्त सरकारी ,गैर सरकारी आ निजी मोबाइल कम्पनी जिनकर मिथिला क्षेत्रमे टेलीफोन सेवा अछि ओ मैथिलीमे सूचना देथि जे टेलीफोन वा मोबाइल बंद अछि वा व्यस्त अछि वा ओतय पहुंचनाय अखन संभव नहि अछि, जेना आन-आन प्रदेशमे होइत अछि। सेनाक अनूप कुमार आ विजय झा मिथिलावासी आ प्रवासी मैथिलसँ अपील करैत कहलनि जे एहि पुनीत काजमे हमरा सबहक संग आबी आ एकरा सभ मिलि सफल बनाबी।

Tuesday, April 30, 2013

मार्च 2014 धरि ललित ग्राम धरि दौड़त ट्रेन

अररिया : फारबिसगंज सहरसा रेलखंड पर धीरे धीरे भऽ रहल आमान परिवर्तनक काज सीमावर्ती क्षेत्रक लोककेँ परेशान कऽ रहल अछि। रेल मंत्रालयक सहयोगसँ चलि रहल सीमावर्ती क्षेत्रक एहि रेलखंड पर फारबिसगंजसँ राघोपुर रेलवे स्टेशन धरि 20 जनवरी केँ मेगा ब्लाक लेल गेल छल जेकरा बाद लोककेँ कम समयमे बेसी दूरीक सफर जल्दी करबाक उमीद जागल छल मुदा उल्टे आमान परिवर्तनक काजमे भऽ रहल देरीसँ लोकक यात्रा कष्टमय भऽ रहल अछि।
फारबिसगंज-ललितग्राम धरिक काज पहिले
पहिल चरणक अंर्तगत मेगा ब्लाक लेलाक बाद फारबिसगंजसँ राघोपुर रेलवे स्टेशन लगभगि 48 किमी धरि लेल गेल छल मुदा पहिले फारबिसगंजसँ ललित ग्राम स्टेशन धरि काज पूरा कएल जाओत। लखभगि 28 किमी वला रेलखंड पर 12 गोट पैघ-पैघ पुल अछि जाहि पर काज चलि रहल अछि। पूमरे समस्तीपुरक डीआरएम अरूण मलिक बतौलनि जे प्रथम चरणक अंर्तगत फारबिसगंज-ललितग्राम धरि आमान परिवर्तनक काज पूरा कएल जाएत। मार्च 2014 धरि एकरा पूरा करबाक लक्ष्य राखल गेल अछि। ओ बतौलनि जे ललितग्राम धरिक काज पूरा होएबाक बाद एकरा आगू राघोपुर धरि आमान परिवर्तनक काज कएल जाएत। बरख 2014 मे सरायगढ़मे कोसी पर बनि रहल पुलसँ सेहो एहि रेलखंड केँ जोड़बाक लक्ष्य अछि।

दरभंगासँ दैनिक होएत पवन एक्सप्रेस

दरभंगा : बंबइया यात्री लेल खुशखबरी अछि, जल्दिये हुनका सभकेँ आरक्षित टिकटक समस्या खत्म भऽ जाएत। सातू दिन दरभंगा-मुंबई(लोकमान्य तिलक टर्मिनल) लेल ट्रेन भेटत। समस्तीपुर रेलमंडल एहि काजमे लागल अछि आ उमीद अछि जे जुलाई सँ इ ट्रेन दैनिक भऽ जाएत।

बताबी जे अखन दरभंगा सँ मुंबई लेल पवन एक्सप्रेसक परिचालन सप्ताहमे मात्र तीन दिन मंगल, गुरु आ शनि केँ होइत अछि। बाकी चारि दिन इ ट्रेन मुजफ्फरपुरसँ चलैत अछि। एहि ट्रेनमे सभ सीजन पिक होइत अछि। मुंबई लेल एकटा आओर ट्रेन कर्मभूमि एक्सप्रेसक हालत एहन रहैत अछि जे क्षमतासँ चारि गुणा बेसी यात्रीक बोझ उठाबैत अछि। कर्मभूमि प्रति बरख लगभग 70 करोड़ आमद दैत अछि जे दरभंगा जंक्शनक सबसँ बेसी राजस्व देनिहाइर ट्रेन अछि। पवन एक्सप्रेसक दैनिक परिचालनक संबंधमे समस्तीपुरक सीनियर डीसीएम संग जनसंपर्क पदाधिकारी एमएआई हुमायूं एकर पुष्टि करैत कहला जे महाप्रबंधक केँ निर्देश पर एहि पर काज चलि रहली। बरख 13 केर रेल बजटमे मिथिलावासीक मांग छल जे एकटा नव ट्रेन मुंबई लेल भेटय वा पवन केँ दैनिक कएल जाए, से आब पूर्ण होइत बुझाइत अछि!

Wednesday, April 17, 2013

कोसी खोलि सकैत अछि मिथिलाक विकासक द्वार

कटिहार : मिश्रित अर्थव्यवस्थाक दौरमे उपभोग सामग्रीक पैघ होइत क्षेत्र केँ देखैत मिथिलाक कोसी क्षेत्रक पैघ जलीय क्षेत्र स्थानीय स्तर पर आर्थिक समृद्धिक द्वार खोलि सकैत अछि। बदलैत परिवेशमे औद्योगिकीकरणक माने मात्रे टा खनिज उद्योग नहि रहि गेल अछि। उपयोगी वस्तुक दिशा आब या त खाद्य सामग्री दिस अछि वा फेर सुविधा आ सेवन सामग्री दिस। एहि क्षेत्रमे दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्तिक बूते एक बेर फेर कटिहार संगे उत्तरी मिथिला औद्योगिक क्षेत्रमे अप्पन वर्चस्व स्थापित कऽ सकैत अछि।

इतिहास साक्षी अछि जे एहि क्षेत्रक पानि आ स्थल मार्गसँ वैश्विक व्यापार होइत छल। नदीक जालसँ अंग्रेजक समयमे इक्षेत्र आर्थिक विकासमे अप्पन एकटा अलग स्थान रखैत छल। कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा सन जिलामे छोट-पैघ नदी आ हजारों पोखरिमे मत्स्य उद्योग विकसित कएल जा सकता अछि। मिथिलाक मीठ पानिमे माछ पालनाय केँ जौँ बढ़ावा देल जाए तऽ पैघ स्तर पर माछक निर्यात कएल जा सकत। क्षेत्रक जलीय संग्रहण क्षेत्रमे सिंघाड़ा, मखानक जबर्दस्त खेती भऽ सकैत अछि। क्षेत्रमे मखान, सिंघाड़ा, केरा आ मकइक खेती केँ देखैत, कतेको बरखसँ एतय फूड प्रोसेसिंग उद्योग स्थापित करबाक जरूरत बुझना जा रहल अछि। एकर स्थापना होएबासँ सिंघाड़ा आ मखानक खेती केँ एतयबढ़िया भऽ सकैत अछि। स्थानीय स्तर पर आमक फसिल सेहो आठीक दाम दऽ सकैत अछि। आमक खेती केँ देखैत अम्मट आ आमचूर्ण पर आधारित छोट उद्योग पंचायत स्तर धरि लगाओल जा सकैत अछि।

विशेषज्ञ बतौबति छथि जे नम वातावरणक कारणे महंग खाद्य मशरूम ग्लोबल मार्केटमे मिथिला क्षेत्र केँ पहिचान दिया सकैत अछि। उत्तरी मिथिलाक ढालुनुमा जमीन पर चायक खेती केँ सेहो बढ़ावा देल जा सकैत अछि। एहि संबंधमे जानल-मानल अर्थशास्त्री डॉ. एसके झा बतौबति छथि जे उत्तरी मिथिलामे कृषि आधारित उद्योगक व्यापक संभावना अछि। माछ पालन, सिंघाड़ा, मखान आ मशरूमक खेतीसँ किसान केँ आर्थिक रूपे समृद्ध कएल जा सकैता अछि। जरूरत अछि तऽ मात्र दृढ़ राजनैतिक इच्छाशक्तिक।

Monday, April 15, 2013

तीन मासमे रक्सौल धरि दौड़त ट्रेन : एडीआरएम

समस्तीपुर/सीतामढ़ी/रक्सौल : समस्तीपुर रेल मंडलक एडीआरएम एचएस पटियाल कहलनि जे अगिला तीन मासक भीतर रक्सौल धरि ट्रेन चलत। एकरा संगे इलाकामे ट्रेनक संख्या बढ़त, संगे यात्री सुविधामे सेहो बढ़ोतरी होएत। एडीआरएम श्री पटियाल कहलनि जे जुलाई माससँ ट्रेनक समय सारिणीमे बदलाव होएत। ओ कहलनि जे सीतामढ़ीसँ रुन्नीसैदपुर धरि जाय वाली ट्रेन केँ मुजफ्फरपुर धरि विस्तार होए, एकर प्रयास करब। हुनक कहब अछि जे रक्सौल धरि काज युद्ध स्तर पर जारी अछि। इ बात सभ श्री पटियाल सीतामढ़ीमे पत्रकार सभसँ गप्प करैत कहला।

Saturday, April 13, 2013

किशनगंजमे नहि भेटल पेट्रोलियम पदार्थ : ओएनजीसी

पूर्णिया/किशनगंज : मिथिलामे पेट्रोलियम पदार्थ तकबा लेल चुनल गेल पूर्णिया बेसिनक एक ठाम निराशा भेटल अछि। किशनगंज जिलाक कोचधामिन लग नरकाटी-कुलबारी, मौजा-गरजा गाम लग ड्रिलिँग शुरु कएल गेल छल। ओएनजीसी एहि जगहक नाम रसूलगंज-1 रखलक अछि। एहिजगह पर 4226 मीटर गहीर धरि ड्रिलिँग करबाक बादो तेल आ गैस(हाइड्रोकार्बन) केर कोनो टा निशान नहि भेटल। एहि लेल ओएनजीसी ओतय ड्रिलिँगक काज बंद कऽ देलक अछि।

एतयसँ कनिके दूर बहादुरगंज प्रखंडक कोरट बनगांवा लग पेट्रोलियम पदार्थ तकबा लेल फेर सऽ खोदबाक काज शुरु कएल गेल अछि। पहिल ठाम सफलता नहि भेटलाक बाद एतय ड्रिलिँगक काज शुरु भेल अछि। एतय 4000 मीटर धरि खोदल जाएत।
बताबी जे पूर्णिया बेसिन क्षेत्रमे किशनगंज जिलाक बादुरगंज प्रखण्डमे दूठाम केँ बरख 2007 मे चिन्हित कएल गेल छल। ओएनजीसी दुनू स्थान केँ आठ बरख लेल लीज पर लेने छल। ग्रैवेटी-मैगनेटिक सर्वे(2डी-3डी सर्वे) केर बाद पूर्णिया बेसिनक किशनगंजमे दू टा जगहक चयन कएल गेल छल। दुनू ठाम लगभगि 2537 वर्ग Km क्षेत्रमे ड्रिलिँग होएबाक छल।

पूर्णिया बेसिनक समानांतर बंगलादेशमे एक-दू ठाम पेट्रोलियम पदार्थ भेटल अछि। एक ठाम प्राकृतिक गैसक भंडारक पता चलल अछि एहि कारणे एतयसँ पेट्रोलियम पदार्थ भेटबाक संभावना बुझा रहल अछि। पूर्णिया बेसिनसँ बंगलादेश धरि भौगोलिक रुपे गोँडवाना तलछट(सेडिमेँट्स) अछि। एहि कारणे एकर प्रकृति एक रंग मानल जाइत अछि।

Friday, April 12, 2013

रेल सुविधामे बढ़ोतरी लेल जेपी विचार मंचक धरना

अररिया : जिलाक रेल यात्रीक विभिन्न मांगक समर्थनमे जेपी विचार मंचक कार्यकर्तागण बीतल बृहस्पति केँ अररिया कोर्ट स्टेशन पर मंचक अध्यक्ष नसीम अहमद गाजीक नेतृत्वमे एक दिनी धरनाक देलक। हुनक मांगमे सीमांचल एक्सप्रेसक ठहराव अवधि बढ़ाओल जाए, स्टेशन पर कर्मचारीक कमी दूर होए, चौबीस घंटा बिजली, काउंटर केर संख्या में वृद्धि, रैक प्वाइंटक निर्माण, जोगबनीसँ टाटा लेल नव ट्रेन चलय, यात्री सुविधा बढ़ाओल जाए आदि प्रमुख अछि।

धरना कार्यक्रममे दिलीप विश्वास, रामेश्वर मंडल, महिर उद्दीन, याकूब मस्तान, सत्य नारायण साह, रमजान अली, किशन लालसदा संगे बहुतो लोक उपस्थित छलथि।

Saturday, March 30, 2013

मिथिला दर्शन : मुंगेर

मुंगेर : महाभारत कालक मोदगिरी आजु मुंगेरक नामे जानल जाइत अछि। मुंगेर बंगालक अंतिम नवाब मीरकासिम केर राजधानी छल। एतय मीरकासिम गंगा नदीक कछेर लग भव्‍य किलाक निर्माण करौने छलथि। इ किला 1934 मे आएल भीषण भूकंपसँ क्षतिग्रस्‍त भऽ गेल छल, मुदा एकर अवशेष अखनो शेष अछि। (एहि किलाक संबंधमे कहल जाइत अछि जे इ महाभारत कालक अछि) एतय स्थित कष्‍टहरिणी घाट हिन्‍दू धर्मावलंबी लेल पवित्र मानल जाइत अछि। प्रचलित किंवदंतीक अनुसार, गंगा नदीक घाट पर स्‍नान करबासँ एक गोटेक सभटा कष्‍ट दूर भऽ गेल छल, तखनेसँ एहि घाट केँ ''कष्‍टहरिणी घाट' कहल जाइत अछि। एहि पवित्र घाट लग नदीक बीचमे मां सीताचरण केर मंदिर अछि। एतय जेबा लेल नावक सहारा लेल जाइत अछि।

मुंगेरमे कतय घूमी :

1. मुंगेरक किला
: मुंगेर अप्पन ऐतिहासिक धरोहर लेल जानल जाइत अछि। बंगालक अंतिम नवाब मीरकासिमक प्रसिद्ध किला एतय स्थित अछि। इ किला गंगा नदीक कछेरमे बनल अछि। नदी एहि किले केँ पश्चिम आ आंशिक रूपे उत्‍तर दिशासँ सुरक्षित करैत अछि। एहि किलामे चारि गोट द्वार अछि, जाहिमे उत्‍तरी द्वारकेँ लाल दरवाजाक नामे जानल जाइत अछि। इ पैघ दरवज्जाक नक्‍काशीयुक्त पाथरसँ हिन्‍दू आ बौद्ध शैलीमे बनल अछि। किलामे स्थित गुप्‍त सुरंग पर्यटकक आकर्षणक केंद्र अछि। 1934 मे आएल भीषण भूकंप सँ एहि सुरंग केँ बहुत क्षति पहुंचल अछि।

2. पीर शाह नूफाक गुंबद : पीर शाह नूफाक गुंबद किलाक दक्षिणी द्वारक सोँझा एकटा टीला पर स्थित अछि। इ जगह बुद्धिष्‍ठ ढ़ांचाक अंतिम निशानी अछि। एहि गुंबदमे एकटा पैघ प्रार्थना कक्ष अछि जाहिसँ एकटा दरवज्जा जुड़ल अछि। गुंबदक अंदर नक्‍काशी कएल गेल किछु पाथर सेहो देखबा लेल भेटैत अछि जे संभवत: हिन्‍दू मंदिरक अवशेष प्रतीत होइत अछि। इ गुंबद हिंदू आ मुस्लिम संप्रदाय लेल समान रूपे पूजनीय अछि।

3. शाह शुजाक महल :
शाह शुजाक महल मुंगेरक खूबसूरत स्‍थानमे सँ एक अछि। आब एकरा जहल केँ रूपे परिवर्तित कऽ देल गेल अछि। जेलरक ऑफिसक पश्चिममे तुर्की शैलीमे बनल एकटा पैघ स्‍नानागार अछि। महलक बाहर एकटा पैघ कुंआ अछि जे एक गेटक माध्‍यमे गंगा नदीसँ जुड़ल अछि। आब एकरा पर ओहार दऽ देल गेल अछि अन्यथा इहो स्थान पर्यटकक केँ बजाबय चल।

4. सीता कुंड : मुंगेरसँ 6 km पूर्वमे स्थित सीता कुंड मुंगेर आबयवला पर्यटकक आकर्षणक प्रमुख केंद्र अछि। एसि कुंडक नाम पुरुषोत्‍तम रामक धर्मपत्‍नी सीताक नाम पर राखल गेल अछि। कहल जाइत अछि जे जखन राम सीता केँ रावणक चंगुलसँ छोड़ाकऽ अनले छलथि तऽ हुनक अप्पन पवित्रता साबित करबा लेल अग्नि परीक्षा देबय पड़ल छल। धर्मशास्‍त्रक अनुसार अग्निपरीक्षाक बाद सीता मां जाहि कुंडमे स्‍नान केलनि ओ यैह कुंड अछि। इस कुंडकेँ बिहार राज्‍य पर्यटन मंत्रालय पर्यटक स्‍थलक रूपे विकसित केलक अछि। एकरा लग डैमक निर्माण कराओल गेल अछि। एतय खास कऽ माघ मासक पूर्णिमा (फरवरी) मे स्‍नान करबा लेल बहुत भीड़ जुटैत अछि। एहि कुंडक पानि कखनो-कखनो 138° फॉरेनहाइट तक गर्म भऽ जाइत अछि।

5. श्रृंगऋषि :
खड़गपुरक पहाड़ पर स्थित इ तीर्थस्‍थल बहुत प्रसिद्ध अछि। इ मुंगेरसँ 32 कि.मी. दक्षिण-पश्चिममे लक्‍खीसराय जिला (कजरा) लग स्थित अछि। इ स्‍थानक नाम प्रसिद्धऋषि श्रृंगक नाम पर राखल गेल अछि। एतय शिवरातिक शुभ अवसर पर (फरवरीमे) श्रद्धालुक भीड़ जुटैत अछि। पर्यटकक बीच एतुक्का झरना आकर्षणक केंद्र बिंदु अछि। ठंडीक मौसममे एहि झरनाक पानि गर्म भऽ जाइत अछि जाहिमे स्‍नान करबा लेल भारतक कोन-कोनसँ पर्यटक आबैत छथि। एतय एकटा डैमक निर्माण कएल गेल अछि जे एक्कर खूबसूरतीमे चारि चांद लगाबैत अछि। एतय स्थित कुंड जेकरा लोक ऋषिकुंडक नामे जानैत छथि।

एकरा संगे चण्‍डी स्‍थान, मुल्‍ला मोहम्‍मद सईदक मकबरा, खड़गपुरक झील, रामेश्‍वर कुंड, पीर पहाड़, हा-हा पंचकुमारी, उरेन, बहादूरीया-भूर, भीमबांध आदि-आदि सेहो देखबा लायक अछि।

* कोना पहुंची -

1. हवाई मार्ग - मुंगेर आबय लेल जयप्रकाश अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा, जे एतयसँ लगभगि 183 km दूर राजधानी पटनामे स्थित अछि, आएल जा सकैत अछि।

2. रेल मार्ग - मुंगेर स्‍थानीय रेलसेवासँ जुड़ल अछि, मुदा एतुक्का प्रमुख रेलवे स्‍टेशन जमालपुर अछि जतयसँ देशक विभिन्‍न राज्‍य लेल ट्रेन भेटैत अछि।

3. सड़क मार्ग - इ शहर राष्‍ट्रीय राजमार्ग 80 पर स्थित अछि जे लगभगि सभ पैघ शहरसँ जुड़ल अछि। भागलपुरक माध्‍यमे इ शहर उत्‍तरी मिथिला आ दक्षिणी मिथिलाक प्रमुख शहरसँ जुड़ल अछि।

(साभार : यात्रा सलाह डाट काम)

बनि रहल अछि उर्दू-मैथिली आ अंग्रेजीक शब्दकोष

लखनऊ/दरभंगा : भारतीय भाषा संस्थानक तत्वावधानमे उर्दू शिक्षण आ अनुसंधान केँद्र दिससँ आगामी 31 मार्चसँ 4 अप्रैल धरि लखनऊ स्थित मदन मोहन मालवीय मार्गमे होए वला कार्यशाला लेल सीएम कालेजमे हिँदीक प्राध्यापक डा॰ कृष्णचंद्र झा मयंक केँ आमंत्रित कएल गेल अछि। एहि कार्यशालामे मैथिली, उर्दू आ अंग्रेजी लेल बनाओल जा रहल डिक्शनरी पर विमर्श कएल जाएत। बताबी जे केँद्र सरकारक उर्दू शिक्षण आ अनुसंधान केँद्र उर्दू-मैथिली आ अंग्रेजी शब्दक शब्दकोष तैयार कऽ रहल अछि जाहिमे डा॰ मयंक केँ मैथिली शब्दक विशेषज्ञ रुपे आमंत्रित कएल गेल अछि।

Monday, March 25, 2013

दुल्लीपट्टीमे मनल मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह

जयनगर/मधुबनी : जयनगर लग दुल्लीपट्टी गामक फैक्स भवनक आंगनमे विद्यापति पर्वक आयोजन कएल गेल, जेकर उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषदक धनाकर ठाकुर करैत मिथिला राज्यक गठन पर जोर देबाक आग्रह केलनि। कार्यक्रमक अध्यक्षता कमल कांत झा केलनि। मौका पर मैथिली अकादमी पटनाक अध्यक्ष कहलनि जे संस्कृतिक सुरक्षा गामे मे भऽ सकैत अछि। ओतहि विद्यापति सेवा संस्थानक महासचिव बैद्यनाथ चौधरी बैजू मिथिला राज्य पर जोर देलनि। स्वागत भाषण विधायक रामप्रीत पासवान केलनि, ओ मातृभाषा मैथिलीक आधिकाधिक उपयोग पर जोर देलनि। विधायक अरुण शंकर प्रसाद कहला जे मिथिलाक विकास लेल सभकेँ आगू ऐबाक चाही। पूर्व विधायक सीताराम यादव लुप्त होइत संस्कृति पर चिँता प्रकट केलनि। एहि मौका पर बहुतो गोटे अप्पन विचार रखला। दोसर सत्रमे कवि गोष्ठीक आयोजन भेल जाहिमे विभूति आनंद, चन्द्रेश, हरिशचंद्र हरित, अमलेँदु शेखर पाठक, फूलचन्द्र झा प्रवीण, कुमार शैलेन्द्र, उमेश नारायण कण, महाकांत ठाकुर आदि कविता पाठ केलनि। रातिमे रंजना झाक नेतृत्वमे सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन भेल। एहि क्षेत्रमे एहि तरहक पहिल आयोजन छल।

फगुआ पर भेटल मिथिला केँ महासनेस

समस्तीपुर/दरभंगा/ सीतामढ़ी/मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर 26 मार्च सऽ ट्रेन चलत, एकर आधिकारिक सूचना आबि गेल गेल। रुन्नीसैदपुरमे 10 बजे सीतामढ़ीक सांसद अर्जुन राय ट्रेन केँ हरियर झंडी देखौता। समस्तीपुर रेलमंडलक सीनियर डीसीएम संग मीडिया प्रभारी आइएमए हुमांयू बतौलनि। समस्तीपुर सऽ रुन्नीसैदपुर धरिक पैसेँजर ट्रेन 55505/55506 केर परिचालन कएल जा रहल अछि जेकर विस्तार मुजफ्फरपुर धरि कएल गेल अछि। इ ट्रेन समस्तीपुर सऽ भोर 04:55 बजे खुजि दरभंगा, सीतामढ़ी, रुन्नीसैदपुर होइत 11:10 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचत। ट्रेन वापसीमे मुजफ्फपुर सऽ 11:45 बजे खुजि सांझक 17:42 बजे समस्तीपुर पहुंचत।

Friday, March 22, 2013

मिथिला राजक लेल चारि दिनक अनशन शुरु

नई दिल्ली : फराक मिथिला राज लेल नई दिल्लीक जंतर-मंतर पर कवि एकांतक नेतृत्वमे चारि दिनक अनशनक शुरुआत आइ भोर लगभगि साढ़े दस बजे भेल। इ अनशन 22 मार्च सऽ शुरु भेल आ 25 मार्च धरि चलत, जेकरा मादे पृथक मिथिला राजक मांग बुलंद कएल जाएत। पहिल दिनक अनशनमे भारतक कोन-कोनसँ सैकड़ो मैथिल उपस्थित भऽ अनशन केँ समर्थन देलनि। अनशकारी लोकनि मिथिला राजक लेल भीख नहि अधिकार चाही, पृथक मिथिला राज चाही आदिक नारा लगा रहल छलथि। मौका पर राहुल, राजेश, विजय, कौशल, विकास, अमरेन्द्र, प्रवीण नारायण चौधरी, मदन कुमार ठाकुर, अनूप चौधरी आदि उपस्थित छलथि। राजीव झा कवि एकांत एहि अनशन केँ यज्ञक संज्ञा दैत मिथिलावासीसँ अपील केलन्हि के बेसी से बेसी मैथिल उपस्थित भऽ एहि यज्ञ केँ सफल बनाबी।

Monday, March 18, 2013

जे शहर कहियो रंगक शहर कहाइत छल

लखीसराय : मिथिला आ बिहारमे रंगक शहरकनामे नामी लखीसरायमे रंगक कारोबार आब धीरे-धीरे खत्म भेल जा रहल अछि। बरख 1937 मे चिरंजी लाल ड्रोलिया एहि शहरमे ड्रोलिया केमिकल कंपनी नामक फैक्ट्रीक शुभारंभ कएने छलथि जाहिमे सिन्दूरक निर्माण होइत छल।
लखीसरायक बनल सिंदूर मिथिलाक संगे नेपाल आ बंगाल धरि जाइत अछि। रंगक पावनि होलीसँ किछु मास पहिले लखीसरायमे सिंदूरक संग-संग अबीरक निर्माणमे सेहो होइत अछि। रंग निर्माणक लेल कच्चा माल मुंबई, पुणे, दिल्ली, जबलपुर आ अलवरसँ मंगाओल जाइत अछि।
1980 केँ लगभगिमे रंग व्यवसायक जोर पकड़बासँ लखीसरायमे ड्रोलियाक संग बहुतो फैक्ट्री खुलि गेल मुदा एहि फैक्ट्रीमे बिजलीक कमी, खराब सड़क आ खराब कानून व्यवस्था अप्पन असरि देखेलेक आ एहिमे सऽ आधासँ बेसी पर दू दशक पहिले ताला लटकि गेल।
अखन वाणिज्य कर विभाग द्वारा निबंधित मात्र 6 गोट फैक्ट्री अछि जाहिमे सिन्दूरक निर्माण होइत अछि।
होलीक तीन मास पहिले लखीसरायक फैक्ट्री सभ अबीर आ रंग बनाबयमे लागि जाइत अछि। सिन्दूर वाणिज्य करसँ मुक्त अछि जखन की अबीर पर 5% बिक्री कर लगैत अछि, ओतय रंग पर 13% वाणिज्यकर लगैत अछि मुदा रंगक रोजगारीसँ सरकारी खजानामे एक्को पाइ नहि पहुंचैत अछि।
बरख 1937 सऽ व्यवसायसँ जुड़ल शहरक रजिस्टर्ड कारखानोमे कहबा लेल रंगक निर्माण नहि होइत हो मुदा होलीक समयमे चोरा-नुका रंगक निर्माण होइत अछि। पैघ शहरसँ मंगाओल गेल रंगमे पाउडर आ आन केमिकल मिला रंग केँ पैकिंग करनिहारक एतय कमी नहि अछि। एहन-एहन व्यवसायी दुर्गा पूजासँ होली धरि लगभगि 5 करोड़ रूपयाक व्यवसाय कऽ लैत छथि।