Showing posts with label नेपाल. Show all posts
Showing posts with label नेपाल. Show all posts

Saturday, December 8, 2018

विकास लेल स्थानीय आ प्रदेश सरकार क' बीच समन्वय जरूरी: मुख्यमंत्री राउत

प्रदेश नंबर 2 क' मुख्यमंत्री लालबाबु राउत कहलनि जे विकास आ समृद्धि लेल स्थानीय आ प्रदेश सरकार क' बीच समन्वय होएब जरुरी छैक. बीतल शुक्र दिन प्रदेश नंबर 2 स्तरीय गाम-पालिका राष्ट्रीय महासंघ क' पहिल प्रदेश अधिवेशन क' उद्घाटन करैत मुख्यमंत्री कहलनि, "विकास क' लेल जरुरी छैक जे स्थानीय आ प्रदेश सरकार मिलि क' काज करय. आओर कोनो विकल्प नहि छैक."

राउत कहलनि जे, "जे भी जनप्रतिनिधि छथि हुनका सभ कें दलगत मानसिकता आ प्रवृत्ति सं बाहर निकलब सेहो जरुरी छैक. भ्रष्टाचार लेल प्रदेश 2 बदनाम होइत जा रहल अछि आ ताहिलेल जनप्रतिनिधि सभकें सजग रहब जरुरी छैक."

Friday, December 7, 2018

मिथिला राजक मांग: शुरु भेल हस्ताक्षर अभियान

प्रदेश न. 2 कें नाम मिथिला घोषणा करबाक मांग सहित महोत्तरी जिलासं मिथिला यात्राक नामसं हस्ताक्षर अभियान शुरु भेल अछि. मैथिली भाषा, संस्कृतिके संरक्षण आ संवर्धन करबा लेल प्रदेश 2 कें बहुसंख्यक भाषा मैथिलीके सरकारी कामकाजी भाषा बनएबाक मांगसहित यात्रा प्रदेशके जिलामे पहुंचल अछि.
मिथिला यात्रामे अंजु यादव, आशुतोष नविन, विजयकुमार झा, उदय यादव, शेखर झा, खुश्वु जैसवाल, रुभा मण्डल, ध्रुव कुमार झा आ निराजन आदि क' सहभागिता अछि. मिथिला यात्राक क्रममे सार्वजनिक स्थानपर लोकसभक हस्ताक्षर संकलन कएल गेल अछि.
प्रदेशक नाम मिथिला आ प्रदेशक भाषा मैथिली रखबाक मांगसहित अभियान शुरु भेलाक बाद एकरा सराहना कएल गेल अछि. सामाजिक संजालक माध्यमे सेहो बहुतो लोक एहि अभियानसं जुडि रहल छथि. साहित्यकार धीरेन्द्र प्रेमर्षि एहि अभियानक विषयमे प्रतिकृया दैत फेसबुकपर लिखने छथि “हार्दिक शुभकामना. मिथिलाक युवा सदति लिखनाइपर विश्वास करै छथि, मटौनाइपर नहि. ई यात्रा सेहो अहांसभक सृजनशील लेखन अछि.”
प्रदेश 2 के नाम आ भाषाके निर्णय एखनधरि नहि भेल अछि. हालांकि प्रदेश सरकार एकटा सुझाव समिति बनौने अछि जे प्रदेशके नाम आ भाषाके विषयमे प्रदेश सरकारके सुझाव देत

Thursday, August 2, 2018

संपादकीय: अप्पन धिया-पुता कें आधुनिक शिक्षा देब मुदा दोसरा कें मैथिली-मैथिली चिचिया उकसाएब?

नेपाल प्रदेश 2 के मैथिली विद्वान सभक नाम एकटा चिट्टी

श्रीमान महान मैथिल विद्वानगण!

अहां सभमे सं कियौ बताएब जे अहां सभ हमरा सभ सन आम आदमी कें कोन रंगक मैथिली सिखायब? 600 बरख पहिलुका संभ्रांत बिद्यापति ठाकुर कालीन तिरहुतिया/पुरोहितिया मैथिली अहां सभ सिखाएब की दरभंगा राज बला राजकीय मैथिली सिखाएब? आखिर मैथिली क' परिभाषा की अछि अहांक नजरि मे? आओर मैथिली क' टेक्स्ट बुक सभ दरभंगा प्रकाशन सं छपाएब? गणित, विज्ञान सभटा मैथिलीए मे पढ़ेबे की? ओना हम बुझि रहल छी जे कथित मैथिल विद्वान बनि अहां सभ अप्पन रोजी-रोटी चमकाबय मे कोन तरहें लागल छी.

अहां के बता दी जे हम साधारण स्थानीय ठेठी बोली बुझैत छी जेकरा अहां सभ अशुद्ध बुझैत छी आ अपवित्र सेहो बुझैत होएब, एहि लेल मैथिली-मैथिली चिचिया के अहां स्थानीय भाषा क' अनादर आ ओकरा सम्पन्न करबा मे लागल छी. खैर, अहां सभ कें राजा-महाराजा राज क' राजकीय भाषा मुबारक. एतहि पहाड़ क' लोक 1950क' संधि अनुसार भारतीय सरकारी सेवा क' लाभ सेहो उठा रहल छथि मुदा प्रदेश 2 क' दू जिल्ला क' पुरबिहा संभ्रांत लोक कें बस क्षणिक तुष्टि मे मजा आबि रहल छन.

अहां सभकें सामान्य जनताक जन-जीविका सं सरोकार रखनिहार भविष्य क' मादे सोचबा सं पाप लागत. अहां सब सिर्फ अपनहि अगिलका लोक सभ के आगू बढ़ाबैत रही, यैह त' अहां सभ चाहैत छी. सरकारी सेवाक मे पद त' होएत मुदा ओ मात्रे टा स्पेशल लोक सभ लेल आरक्षित रहत किएक त' पारिवारिक भाषा मे कामकाजी भाषा होई त' आओर की चाही?

देखा रहल अछि जे भारत क' मिथिला राज बला सभ ओम्हर फेल भ' गेलथि त' एम्हर आगि लगा रहल छथि. अपने भारत के धर्म निरपेक्ष रखता आओर नेपाल के कट्टर हिंदू देश बनौताह. कखन धरि हम सभ हुनक झांसा मे आबैत रहब? कहिया वर्तमान मे जीएब शुरू करब?

जौं नेपाल क' शासक सभ मध्यकालीन समय क' भानुभक्त कालीन या मोतीराम भट्ट कालीन खस-भाषा के लागू केने रहितथि त' आई हम सभ कोन तरहक खस भाषा स्कूल मे पढ़ि रहल होइतहुं अहां अंदाजा लगा सकैत छी. की अहुं सभ मैथिली कहि वैह मध्यकालीन कें दोहरायब?

अहां सभ जाहि तरहें मैथिली बोली आ लिखावट क' ओकालत क' रहल छी ओ यथार्थ धरातल सं दूर अछि, लेख्य भाषा आ कथ्य भाषा मे कोनो तारतम्य नहि छैक तैयो अहां सभ अप्पन महाकवि बिद्यापति आओर ललका पाग कें पूरा मध्य-मधेश मे लादय चाहैत छी. अप्पन घर क' धिया-पुता कें आधुनिक शिक्षा इंग्लिश, नेपाली, हिंदी मे पढ़ाएब मुदा दोसरा कें मैथिली-मैथिली चिचिया उकसाएब?

“ओना ब्यक्तिगत रुपस कैह दी जे हमरा अपन गाम घर में बोलइवाला हमर मातृभाषा-बोली के हम बिरोधी नै छिए मुदा बात रैह गेलै बर्तमानमे कामकाजी भाषाके रूपमे एकर उपयोगिता आ सांदर्भिकता के बारे मे. आई-काइल्ह जई तरिका स मैथिली कैहके जोन बोली आ लेखावट के बिकास करके प्रयास हो’रहल है से भाषा बिज्ञान के हिसाब से सेहो बहुते त्रुटिपूर्ण छै.”

एकटा बात मोन राखू, मधेश आंदोलन मात्रे प्रदेश 2 कें मिथिला राज बनेबाक लेल नहि भेल छल, पूरा मधेश कें “एक मधेश-एक प्रदेश” क' नारा द' उपेंद्र यादव जी राजनीति क' शिखर पर पहुंचल छलथि. आब ओ दोसर बाट ध' लेलथि त' की जनता के सेहो हुनका पाछू चलि जेबाक चाही?

हम सभ मधेसी टूटि क' नहि जुड़ि क' राजसत्ता सं संघर्ष करब तखनहि सफल भ' सकब. बस खंड-खंड मे बांटि एकल भाषा आओर एकल जातीय आधार पर राजनीति करब त' अहां केंद्रीय सत्ता के खुश करबाक काज करब, हुनकर काज आसान करब. ओ त' यैह चाहैत छथि.

ई जे हमर हिंदी प्रस्फुटन अछि, कोनो औपचारिक अध्यन बिना अछि, जौं औपचारिक अध्यन हिन्दी मे होएत त' शायद नीक प्रयास होएत. आजुक समयमे हिंदी क' उपयोगिता जेना तरकारी मे मस्सलाक होइत अछि तेनाही हमर दैनिक बोली-व्यवहार मे अछि, एकरा स्वीकार करबा मे हिचकिचेबाक कोनो जरुरत नहि. सभ मित्र सं निवेदन अछि जे हम सभी क्षणिक स्वार्थ त्यागि, विविधता मे एकता युक्त मधेश क' मादे संकल्प करी. पूब-पश्चिम मधेश के एक करबाक सोची.

ई लेख हिमालिनी डॉट कॉम लेल बिनोद पासवान लिखने छथि. एतहि अहां ओहि लेख क' मैथिली अनुवाद पढ़ि रहल छलौं.

Friday, April 21, 2017

छह टा प्रमुख मधेशी दल विलय केलक, आंदोलन फेर तेज हेबाक आसार

काठमांडू : नेपाल मे 6 टा प्रमुख मधेसी दल 14 मई के होमय वला स्थानीय निकाय चुनाव सं पहिले राष्ट्रीय जनता पार्टी (राजपा) क' गठन क' आइ विलय क' केलक.


तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी, सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय मधेस समाजवादी पार्टी, तराई मधेस सद्भावना पार्टी, मधेसी जलाधिकार फोरम-गणतांत्रिक आ नेपाल सद्भावना पार्टी विलय क' राष्ट्रीय जनता पार्टी बनल. एहि छह दल केर संसद मे कुल 24 टा सदस्य छथि. महंत ठाकुर कें नव पार्टीक प्रमुख चुनल जा सकैत छैक. पार्टीक क' चुनावी चिन्ह छतरी रहत. एहि घटनाक्रमक बाद मधेश आंदोलन फेरो तेज होयबाक संभावना बनि रहल छैक.

Tuesday, March 7, 2017

नहि डंफाक थाप आ नहिये पारंपरिक गीत : बिलाइत फगुआ

डेस्क : ओना त' जीवन मे उत्साह बढ़ेबाक लेल उत्सव क' आयोजन होइत अछि मुदा फगुआ आन पावनि सं कनिक फाजिले उत्साह क' संचार करैत अछि. इ मात्रे टा एहन पावनि अछि जाहि मे नहिये टा वर्गक विभेद मिटैत अछि संगे उमेरक दायरा सेहो सिमटा जाइत अछि. एहि पावनिक सभसं महत्वपूर्ण कड़ी गायन अछि. मिथिला मे एकर बड्ड पुरान परंपरा रहल अछि. एकर महत्व के ऐना बुझल जा सकैत अछि जे वसंत पंचमी क' दिन सं फाग गायब शुरू भ' जाइत अछि. मां सरस्वती कें अबीर अर्पित क' अबीर उड़य लगैत अछि.


आधुनिकताक बयार आ रोजगारक अवसर नहि रहबाक कारणे सून पड़ल गाम मे आब डंफा क' थाप स्वर मद्धम पड़ैत जा रहल अछि. साल-दर-साल इ सांस्कृतिक परंपरा कमजोर भेल जा रहल अछि. अखनो एहन बहुतो गाम छै जे एहि महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कड़ी के बचा क' रखने अछि मुदा भविष्यक कड़ी टूटैत नजर अबैत अछि. नव पीढ़ी फाग गेबाक परंपरा सं दूर होइत जा रहल अछि. फिल्मी गीत आ फगुआ एलबम क' गीत पर हिनक उत्साह झलकैत अछि. संस्कृति प्रेमी लेल इ चिंताक विषय अछि.

लगभग एक मास धरि चलय वला फगुआ गीत ग्रामीणक टोली गामक पहिले सं निर्धारित दलान पर सभ सांझ मे जुटैत अछि. घर सं भोजन क' आबि लोक सब देर रात धरि फगुआ गीतक आनंद लैत रहैत छथि. एक मास धरि चलैत रहय वला एहि परंपराक समापन फगुआ दिन गीतक संग होइत छल. एहि अवधि मे नहिये टा नव पीढ़ी के गीतक अभ्यास करायल जाइत छल, हुनका डंफा बजेबाक कला सेहो सिखायल जाइत छल. एहि सं परंपरा एक पीढ़ी सं दोसर पीढ़ी धरि सहजे चलि जाइत छल मुदा जहिया सं इ कड़ी कमजोर भेल अछि, युवाक टोली सेहो एहि सं दूर होइत गेल. स्तरीय आ जीवनक सभ रंग के सहेजनाहर फगुआ गीतक बोल आब कम्मे सुनाई दैत अछि.

अखन सुनु इ फाग सुनील मल्लिक के आवाज मे.

Sunday, January 31, 2016

आंदोलनक आगि मे कहिया धरि जरत मधेश ?

                  "अखन देखल जाए त' नेपाल एक देश रहैत दू समुदाय मे बंटि गेल अछि"
कैलास दास : मधेशक एक्को टा जिला एहन नहि जतहि आन्दोलनक आगि नहि लागल हो. जनता मे आक्रोश अछि, आन्दोलनकरी  नेतृत्वक मे आन्दोलन कें पैघ स्तर पर ल' जेबाक आगि अछि, त' सड़क सभ पर धू..धू..करैत जरैत टायर क' आगि अछि. जेम्हर देखू अगलगी लागल अछि. प्रश्न अखनो यैह अछि जे पांच मास बीतलाक बादो इ अगलगी मिझायल किएक नहि ? एकर चिन्ता सरकार के किएक नहि भ' रहल अछि ? आन्दोलनरूपी अगलगी मे जरनाहर आओर जराइबै वलाक राष्ट्रीयता कतहि हेरायल अछि ?

देशक अधिकांश भाग सांस्कृतिक आ धार्मिक क्षेत्र होइतो आन्दोलनमय भूमि बनल अछि जतहि दैनिक सैकड़ों लोक दर्शनक लेल अबैत छलथि, जय माता दी क' पुकार होइत छल, ओतहि जय मधेश क' नारा आ पाथरक ढेर लागल अछि. धार्मिक गीतनादक ठाम, आन्दोलन क' गीत सुनायल जा रहल अछि. माथ पर मां केर चुनरी बान्हबाक ठाम, कारी पट्टी मे जय मधेश लिखल जाइत अछि. शहर धुआं–धुआं अछि. आखिर आन्दोलनक आगि मे कहिया धरि जरत मधेश ?

जखन की सभकेँ बुझल अछि जे मधेश आन्दोलन सं शिक्षण संस्था बन्न, कल-कारखाना बन्न, यातायात बन्न, रोजगार बन्न, सरकारी कार्यालय बन्न, भंसार बन्न, न्यायालय धरि बन्न अछि. बढ़ैत जा रहल काला बाजारी, घुसपैठिया, राष्ट्रक जिम्मेदार नागरिक क' बीच वाकयुद्ध, चौक-चौराहा पर आम नागरिक द्वारा देशक चिन्ता, भुखमरी, आक्रोश, महँगी आ विद्युत लोडसेडिङ्ग क' कारण अन्हार में रहबाक आदत. की इ सुच्चा राष्ट्रीयता क' पहचान अछि ? एहि सं मुल्क आत्मनिर्भर बनि सकैत अछि ? भविष्य नीक भ' सकैत अछि  ? कदापि नहि.

नेपाल मे राणा शाही आ राजतंत्र क बाद लोकतंत्र आयल जाहि पर जनता आशा आ विश्वास केलक - देशक विकास क, आत्म निर्भर बनबाक, समान अधिकार पेबाक मुदा आइ गम्भीरता सं देखल जाए त' इ लोकतंत्र आ लोकतांत्रिक संविधान नेपाली जनता के पचीस बरख पाछूक जिनगी जीबाक लेल विवश क' देलक अछि. एतय धरि कि बिजलीक ठाम ‘डिबिया’ जरएबाक नौबत आबि गेल. नेपाली जनता लोकतंत्र क' सपना एहि लेल नहि देखने छल की हमरा आंदोलन करबा लेल बाध्य हुअय पड़य. राजतंत्रक अंत एहि लेल नहि भेल की लोकतांत्रिक सरकार द्वारा बन्दूक क' गोली खाय पड़य. वर्षों-वर्ष सं पड़ोसी देश भारतक सं वैवाहिक, सांस्कृतिक, भाषिक संबंध सं विच्छेद होमय पड़य आ विभेदक आगि मे जरय पड़य.
राज्यक बदनीयत आ स्वच्छ राजनीतिक अभाव मे देश दिनानुदिन अपंग बनैत जा रहल अछि. अर्थतंत्र समाप्त भ' गेल अछि, अराजकता बढ़ैत जा रहल अछि आ राज्य सत्ता मे रहल एमाले, कांग्रेस आ एमाओवादी जनताक चिन्ताक जगह बेपरवाह बनल अछि. अखन देखल जाए त' नेपाल एक देश रहैत दू समुदाय मे बंटि गेल अछि.
सभसं पैघ प्रश्न इ अछि जे मधेश मे कहिया धरि आंदोलन आन्दोलन चलैत रहत ? कखन राज्यक दमन आ आन्दोलन नेतृत्वकर्ताक मनमानी खत्म होएत ? लोकतंत्र मे जे वाकयुद्धक परम्परा आयल अछि ओ कहिया समाप्त होएत ? सरकार आ आन्दोलनकारीक बीच वार्ताक परम्परा आ हठीपन कतहि जा रुकत ? इ राजनीतिक दलक लेल सेहो असमंजसक विषय अछि जे ओ समाधान ताकय नहि चाहैत छथि या फेर समाधान भेटि नहि रहल छैक. आन्दोलनरत दल आ सरकार बेर-बेर वार्ताक लेल बैसैत छथि आ 10 मिनट मे बिना कोनो बहसक वार्ता निष्कर्ष विहीन समाप्त भ' जाइत अछि. एहि सं स्पष्ट होइत अछि जे राज्य पक्ष समाधान नहि, आन्दोलनकारी थाकि क' आन्दोलन छोड़ि दे, सोच बनौने अछि.
‘नेपालक संविधान 2072’ मे सभसं पैघ समस्या राज्यक सीमांकन अछि. कानून विज्ञक मानबाक अछि जे संविधान त्रुटिपूर्ण अछि जाहि मे कोनो दू मत नहि. एहि संविधान मे मधेशी जनता के देल गेल अधिकार सं वञ्चित क' देल गेल अछि. मुदा समानुपातिक, जनसंख्याक आधार मे निर्वाचन क्षेत्रक समाधान सम्भव होइतो राज्यक सीमाकन बड्ड गम्भीर अछि. मधेश नेतृत्वकर्ता दलक जे अडान अछि ओहो गलत अछि. नेपाल एक साझा फुलवारी होयबाक वास्ते सभ राज्य मे सभ समुदाय के रहबाक अधिकार अछि, ताहि लेल मधेशक जिला पहाड़ मे जाए, चाहे पहाड़क जिला मधेश मे बहसक विषय नहि हेबाक चाही. राज्य ने 2 नंबर प्रदेश जाहि तरहे निर्माण केलक अछि, ओहो ठीक नहि अछि. एहि प्रदेश मे एक्को टा पहाड़ क' जिला समावेश नहि कयल गेल अछि. दोसर बात जौं मधेश नेतृत्वकर्ता मात्रे टा मधेश भूमिक एक या दू प्रदेश बनाबय चाहैत अछि त' कहियो मधेश मे रहनिहार पहाड़ी समुदाय आ पहाड़ मे रहनिहार मधेशी समुदायक राजनीतिक पहुंच बनब तत्काल सम्भव नहि देखाइत अछि.
मधेश मे सीमांकन क' ल' पांच मास सं आन्दोलन चली रहल अछि. एहि दरमियान पहाड़ी समुदाय के मधेश आन्दोलन मे बड्ड कम अर्थात नहि के बराबर देखल गेल अछि. जाहि सं दू गोट प्रश्न ठाढ़ होइत अछि- पहिल जे तराई मे पहाड़ी समुदाय अल्प संख्यक अछि आ मधेश आन्दोलन सं राजनीतिक पहुंच हेबाक सम्भावना सेहो बड्ड कम देखा रहल अछि. दोसर, पहाड़ी समुदायक सेहो मधेश आन्दोलन मे नेतृत्व करबाक पहल मधेशी नेता सभ नहि केलक अछि. एहि सं स्पष्ट अछि जे सीमांकन मे मधेश पहाड़ क' जिला के समावेश कयल गेल होइत त' आजुक दिन नहि देखय के भेटितै.


साभार : हिमालिनीडॉटकॉम 

Monday, December 21, 2015

नेपाल मे टकराव तेज़ हेबाक आसार

सीतामढ़ी : नेपालक तराई मे पिछला चारि मास सं बेसी समय सं चलि रहल मधेश आंदोलन ख़त्म हेबाक आसार नहि देखा रहल अछि. सरकार आ प्रमुख मधेशी नेताक 15म दौरक वार्ता असफल रहल अछि. किछु दिन पाहिले जनकपुर मे राष्ट्रपति विधा देवी भंडारी पर भेल हमलाक बाद हिंसाक माहौल आओर गरम भ' गेल अछि.


वर्तमानमे सरकार आ पुलिस प्रशासनक मधेसी सं एहन ठनल अछि जे आंदोलन उग्र आ पैघ हेबाक आसार बढ़ि गेल अछि. संयुक्त तराई मधेश लोकतांत्रिक मोर्चाक बैनर तर चारि टा प्रमुख नेताक संग काठमांडू मे 18 दिसंबर के नेपाल सरकारक संग वार्ता विफल रहल. आब मधेशी नेता सभा मलंगवा मे बैसार क' नव ढंग सं उग्र आंदोलनक आगाजक एलान केलक अछि. तराई क्षेत्र मे एक बेर फेर आक्रोश बढ़ि गेल अछि. पिछला दू दिन सं रौतहट,सर्लाही,धनुषा,कैलाली आ महोतरी लगाइत पूरा तराई मे आंदोलनकारी उग्र प्रदर्शन क' रहल छथि, युवा सेहो सड़क पर छथि.

Wednesday, April 29, 2015

भूकंप सं चनकल जानकी मंदिरक दीवार आओर दरभंगा किला

भूकंप सं चनकल जानकी मंदिरक दीवार आओर दरभंगा किला

जनकपुर/दरभंगा : बीतल शनि के आयल भूकम्पक बाद जनकपुरधाम धाम स्थित ऐतिहासिक जानकी मंदिरक पश्चिमी दीवार चनकि गेल, संगे एकटा गुंबद टूटबाक जनतब सेहो अछि. मन्दिरक पुजारी राम प्रकाश महंथ बतौलनि जे लगातार आबि रहल रहल भूकम्पक सं श्रद्धालुक सुरक्षा लेल मंदिर प्रवेश पर किछु देर लेल रोक लगा देल छल.

फोटो साभार : अमित

फोटो साभार : अमित

एम्हर दरभंगाक किला जे पहिलहीसं जर्जर अवस्था मे अछि, भूकंप एकर हालत आओर खराब क देलक अछि. किलाक निचा सं सड़क द हज़ारों लोक प्रतिदिन जाइत छथि जेकर सुरक्षा लेल जिला प्रशासन आओर राज्य सरकार सुतल अछि जावत कोनो पैघ घटना घटित नहि भ जाय.



Sunday, December 21, 2014

11म अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 22 सं जनकपुरमे

जनकपुर  : 11म अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 22 आ 23 दिसंबर कें जनकपुरमे होएत। एहि सम्मलेन मे भारत आ नेपालक राजनेता, साहित्यकार आदि उपस्थित रहता। इ जनतब सम्मेलनक महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू देलन्हि। ओ बतौलनि जे कार्यक्रमक पहिल दिन सम्मेलनक उद्घाटन नेपालक राष्ट्रपति रामवरण यादव करता। नेपालक भूतल परिवहन मंत्री अमलेंदु निधि बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहता। कार्यक्रमक अध्यक्षता लनामिवि क कुलपति डॉ.साकेत कुशवाहा करता। कार्यक्रम सं पहिले मिथिला जागरण यात्रा निकालल जाएत। एहि दिन विभिन्न भाषाक विद्वान कें 'मिथिला रत्न' सं सम्मानित कयल जाएत ओतहि दोसर दिन कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विविक कुलपति डॉ.देवनारायण झाक अध्यक्षतामे आयोजित समारोहमे सेमिनार, नाटक आ कवि सम्मेलनक संग सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन होएत।

बता दी जे अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन सभ बरख 22 आ 23 दिसंबर कें मैथिली अधिकार दिवस क रुपे मनायल जाइत अछि, एहि दिन मैथिली भाषा कें संविधानक आठम सूची मे जोड़ल गेल छल।

Friday, November 21, 2014

मोदी क जनकपुर दौरा रद्द, विरोध मे भेल प्रदर्शन

नई दिल्ली/जनकपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक जनकपुर दौरा रद्द भ गेल मुदा सूत्रक मानी त हुनक लुंबिनी आओर मुक्तिनाथक यात्रा यथावत अछि। मोदी पाहिले राम बारात मे शामिल भए जनकपुर पहुँचबाक कार्यक्रम छल। हुनक दौरा रद्द होयबाक बाद जनकपुर मे विरोध प्रदर्शन भ रहल अछि।

नेपालक भौतिक बुनियादी ढांचा आ परिवहन प्रबंधन मंत्री बिमलेंद्र निधि कहलनि जे, ‘हमरा इ कहैत बड्ड दुख भ रहल अछि जे काठमांडू मे भारतीय दूतावास नेपालक विदेश मंत्रालय कें समाद देलक अछि जे भारतक प्रधानमंत्री जनकपुर दौरा रद्द क देलक अछि।'

मोदी 18 सार्क शिखर सम्मेलनक औपचारिक उद्घाटन लेल एक दिन पहिले जनकपुर ऐबाक योजना बनाउने छलथि. प्रधानमंत्री मोदी अगस्त पहिल सप्ताहमे नेपालक आधिकारिक यात्राक दौरान जनकपुर ऐबाक वादा केने छलथि। दौरा कें ल भारतीय सुरक्षा विशेष दल जनकपुरक दौरा केने छल आ संगे नेपाल-भारतक सीमा पर सुरक्षाक पर एलर्ट छल।

Monday, August 4, 2014

नरेँद्र मोदी कें जनकपुर नहि एबाक पाछू की कारण ?

जनकपुर सं सुजीत कुमार झाक समाद
जनकपुर : भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक अत्यधिक इच्छाक बादो एहि बेर ओ जानकी दर्शन नहि कऽ सकलथि । ओ संसदमे एहि प्रसङ्गके चर्चा करैत कहलन्हि नोभेम्वरमे सार्क बैसारक क्रममे जनकपुर पहुँच जानकी मन्दिरमे अवश्य पूजा करब ।
नरेन्द्र मोदी काठमाण्डूसँ बाहर नहि जाइथ एहिके लेल नेपाल सरकार आ भारतीय दुतावास संयुक्त रुपमे षडयन्त्र कएने बताओल जा रहल अछि । किछु नेतासभक भेट कार्यक्रम प्रभावित भऽ जाएत एहिके लेल जनकपुर आ लुम्बिनी भ्रमण अन्तिम समयमे काटल गेल अछि ।
जनकपुरक लोक एहि बातके लऽ कऽ निराश देखल गेल अछि । एहि बातके लऽ कऽ नेपाल सरकार प्रति जनकपुरमे गम्भीर आक्रोस अछि । जनकपुरमे एहु बातक चर्चा अछि विकासक दृष्टिसँ जनकपुर सँग नेपाल सरकारद्वारा कतेक भेदभाव भेल अछि एकर पोल नरेन्द्र मोदी लग खुलि जाइत एहिके डरसँ मोदीके जनकपुरमे नहि आनए देवएके षडयन्त्र भेल अछि । भारतीय दुतावासक योजनासभ सेहो जनकपुरमे प्रभावकारी रुपसँ काज नहि कएने अछि । एक तऽ जनकपुर भारतीय दुतावासक प्राथमिकतामे नहि पडल अछि आ दोसर जे योजना अएलो अछि ओ कि तऽ विवादित अछि कि तऽ कहिआ काज शुरु हएत एकर ठेकान नहि लगैत अछि ।
नेपाल भारतक सम्बन्ध काठमाण्डू आ दिल्ली पर मात्र नहि जनता जनता बीच सेहो टिकल अछि ई सत्यके बुझि कऽ मोदी जनकपुर आवएके इच्छा व्यक्त कएने छलथि ।
नेपाल भारतक सम्बन्धके जनतेपर टिकल अछि । ई सत्यके सभके बुझए पडत ।

Sunday, August 3, 2014

नेपालक नाकामी सं मुश्किल मे मिथिला

पूर्णिया : सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, मधेपुरा मे आइ बाढ़िक चेतौनीक बीच कोसीक पूब आ पश्चिमी भाग केँ खाली करेबाक काज जारी अछि। कोसीक जलस्तरमे रवि केँ तेजी देखल गेल। नेपाल सं भोर 6 बजे 1.12 लाख क्यूसेक पानि आ फेर भोर 8 बेज 1.17 लाख क्यूसेक पानि पहुंचलाक बाद आशंका अछि जे सांझ धरि कोसीक जलस्तर आओर बढ़ि सकैत अछि।

एहि बीच केँद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिँह बिहारक मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी केँ फोन कऽ बाढ़िक खतरा केँ देखैत जनतब लेलनि आ कहलनि जे प्रभावित लोकक बचाव आ राहत काज लेल केँद्र सं हरसंभव मददि क आश्वासन मुख्यमंत्री केँ देलनि।

बताबी जे नेपाल मे भेल भारी बरखाक बाद भेल भूस्खलनक बाद एहन आशंका बनल अछि जे नेपाल बाटे कोसी नदीक जलस्तर बिहार मे रविक राति धरि खतराक निशानक पार कऽ सकैत अछि। संभावित आपदा केँ दैखैत मिथिलाक आठ टा जिला सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, भागलपुर, खगड़िया, मधुबनीक डेढ़-दू लाखक आबादी प्रभावित हेबाक आशंका अछि।

Thursday, July 3, 2014

लोकार्पित भेल इतिहासक घाओ

(समदिया : सुजीत कुमार झा)
जनकपुर :
नेपाली आ मैथिली भाषाक वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेन्द्र विमलक नव कृति इतिहासक घाउक बुधदिन एक समारोहबीच विमोचन कएल गेल अछि ।
मैथिली विकास कोषद्वारा प्रकाशित कथा संग्रह इतिहासक घाउक भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मन्त्री विमलेन्द्र निधि आ एकीकृत नेकपा मओवादीक मधेश ब्युरो इन्चार्ज रामचन्द्र झा संयुतm रुपसँ विमोचन कएलन्हि अछि ।
समारोहमे बजैत संविधान निर्माणक बाद मैथिली भाषा, साहित्य, कला संस्कृतिक सहज विकास हएत बतौलन्हि अछि ।
ओ नेपाली बाहेकक भाषा साहित्यके विकासक लेल वर्तमान सरकार गम्भीर रहल सेहो बतौलन्हि अछि । ओ १५ दिने मध्यमा परिक्रमा सडकके पिच बनाबएके लेल भौतिक योजना तथा निर्माण मन्त्रालय काज कऽ रहल जानकारी देलन्हि अछि । एहिसँ आन्तरिक पर्यटन विकासमे मदत पहुँचत सेहो ओ उल्लेख कएलन्हि अछि ।
ओ समारोहमे मैथिली विकास कोषसँ दूटा महत्वपूर्ण पुरस्कार सेहो वितरण कएल गेल अछि ।
डा.धीरेन्द्र साहित्य संस्कृति पुरस्कार डा. राजेन्द्र विमलके आ सलहेश सांस्कृतिक पुरस्कार रामानन्द युवा क्लव जनकपुरके प्रदान कएल गेल अछि ।
ओ पुरस्कारक राशि ५१÷५१ हजार अछि ।
मैथिली विकास कोषक अध्यक्ष जीवनाथ चौधरीक अध्यक्षतामे भेल ओ समारोहमे एकिकृत नेकपा माओवादीक मधेश व्युरो इन्चार्ज रामचन्द्र झा जनकपुरुक विकासक लेल अतिक्रमण मुतm अभियान चलि रहल अछि ओकरा प्रसंशा करैत भौतिक आ अन्य दृष्टिसँ सेहो विकास करए पडत उल्लेख कएलन्हि अछि ।
बृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषदक अध्यक्ष रामकुमार शर्मा जनकपुरके विकासक लेल सरकार गम्भीर नहि भेल तऽ सरकारके विरुद्ध सेहो मधेश आन्दोलन जेकाँ जनकपुरेसँ विगुल फुकब घोषणा कएलन्हि अछि ।रामानन्द युवा क्लवक पूर्व अध्यक्ष अवधेश पोखरेल, पत्रकार श्याम सुन्दर शशी, मिथिला राज्य संघर्ष समितिक संयोजक परमेश्वर कापड़ि, अशोक दत्त, नेपाली काँग्रेस धनुषाक अध्यक्ष रामसरोज यादव, मिथिला नाटृयकला परिषदक पूर्व अध्यक्ष सुनिल मल्लिक, नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाक अध्यक्ष अनिल मिश्र सहितक वक्तासभ बाजल छलथि ।

Sunday, May 11, 2014

संजय साह केँ महोत्तरी पुलिस भोरमे सिरहा लऽ जाएत

सुजीतकुमार झा
जनकपुर :
जलेश्वर कारागारमे स्थान अभावक कारण राखए नहि मानलाक बाद बितल चारि दिनसं जिलाक प्रहरी कार्यालय महोत्तरीक हिरासत कक्षमे रहल निलम्बित सभासद संजय कुमार साहके रविदिन सिरहा पठावएके निर्णय कएल गेल गेल अछि ।
जिल्ला अदालत धनुषाक बेंच नं.३ क न्यायधिश लोकजंग शाहक एकल इजलाशसँ निलम्बित सभासद साहके सिरहा कारागार पठएबाक निर्णय कएल गेल अछि । साहके सोमदिन भोरमे सिरहा कारागार पठाओल जाएत जानकारी जिल्ला प्रहरी कार्यालय महोत्तरी जनौलक अछि ।

दू वर्ष पूर्व जनकपुरक रामानन्द चौकपर भेल बम विस्फोटमे संलग्न रहल आरोपमे पुलिस एक हप्ता पूर्व साहके विरगंजक छपकैयासँ पक्राउ कएल गेल छल । जिल्ला अदालत धनुषा बितल वृहस्पतिदिन पुपक्र्षक लेल जलेश्वर कारागार पठएबाक निर्णय कएने छल । मुदा १ सय ३५ गोटेक क्षमता रहल ओ जलेश्वर कारागारमे ४ सय ४९ गोटे कैदी पहिनहिसँ रहलासँ ओ कारागार ओहिठाम राखए नहि मानने छल ।
म्ुदा मिथिला बम काण्डक अन्य अभियुक्तसभ एखनो जलेश्वर कारागारमे रहल अछि । कैदीक संख्या अत्यधिक होएब प्रमख कारण कहल गेल होइतो बम काण्डक सम्पूर्ण अभियुक्तसभ एक दोसरके नाम कहलाक कारण एकहि ठाममे रखलापर गेंग वारक खतरा रहलासँ सेहो साहके ओहिठाम राखए जेल प्रशासन असमर्थता जाहेर कएने स्रोत जनौलक अछि ।

Friday, May 9, 2014

जनकपुर बम काण्डक संजय साह गेल जेल

सुजीत कुमार झा जनकपुर : जनकपुरक रामानन्द चौकपर दू वर्ष पहिने भेल बम विस्फोट घटनाक मुख्य योजनाकार कहल गेल निलम्बित सभासद एवं सदभावना पार्टीक बरिष्ठ केन्द्रिय उपाध्यक्ष संजय कुमार साहके जिल्ला अदालत धनुषा पुपक्र्षक लेल जलेश्वर कारागार पठएबाक निर्णय कएलक अछि । जिल्ला अदालत धनुषाक बेञ्च नम्बर २ के न्यायधिश कैलाश केसीक एकल इजलाशसँ वृहस्पतिदिन निलम्बित सभासद साहके पुपक्र्षक लेल थुनामे पठएबाक निर्णय कएने अछि

 अदालतक निर्णय अएलाक लगले धनुषा पुलिस हुनका वृहस्पतिए दिन जलेश्वर कारागार पठौने अछि । हुनका अदालती बन्दोबस्तक ११८ के देहाय २ अनुसार पुर्पक्षक लेल थुनामे राखएके आदेश सुनाओल गेल अछि । शनिदिन वीरगंजक छपकैयासँ पक्राउ कएल गेल निलम्बित सभासद साहके जिल्ला अदालत धनुषामे बयान लेवएसँ थुनछेक बहसधरि भेल छल । वृहस्पतिदिन बहसक तेसर दिन वादी पक्षक दिससँ चन्द्रप्रकाश मैनाली आ हेमबहादुर कार्की बहस कएलन्हि तऽ बचाउ पक्षक मंसुर राइन, रमन श्रेष्ठ, शिवकुमार सिंह, सुबोध मण्डल आ दिलीप मण्डल बहस कएने छलथि । एहिसँ पहिने रामानन्द चौक बम काण्डमे पक्राउ पडल जनतान्त्रिक तराइ मुक्ति मोर्चाक प्रमुख राजन मुक्ति कहएबला रंजित झा, तराइ मधेश विद्यार्थी लिब्रेसन फ्रन्टक अध्यक्ष मुकेश चौधरी, सुरेश कुमार कर्ण, रिपेन्द्र झा आ मुकेश कुमार कर्णके सेहो पुपक्र्षक लेल थुनामे राखल गेल अछि । एहि घटनामे निलम्बित सभासद सहित ६ गोटे थुनामे गेल अछि । २०६९ साल बैशाख १८ गते रामानन्द चौकपर मिथिला राज्यक माँग करैत शान्तिपूर्ण धर्ना दऽ रहल बेरमे भेल बम विस्फोटमे मिथिलाञ्चलक चर्चित कलाकार रंजु झा सहित विमल शरण दास, सुरेश उपाध्याय, झगरु मण्डल आ दिपेन्द्र दास शहीद भेल रहथि तऽ ३२ गोटेसँ बेसी व्यक्ति घाइल भेल छलथि । जिल्ला अदालत धनुषामे बहस चलए रहल बेरमे अदालतक आगा सदभावना पार्टीक कार्यकर्तासभ दिनभरि पुलिस प्रशासन विरुद्ध नाराबाजी कएने छल ।

Thursday, March 13, 2014

मिथिला राज्य संघर्ष समिति आंदोलित

समदिया : सुजीत कुमार झा

जनकपुर : रामानन्द चौक पर भेल बम विस्फोटक अपराधीके कारबाइक मांग करैत आन्दोलनमे उतरल मिथिला राज्य संघर्ष समिति बुधदिनसं तीन दिनी धरना कार्यक्रम शुरु केलक अछि।
जिला प्रशासन कार्यालय धनुषाक मूलद्वारमे बैस कऽ शुरु कएल गेल धरना मे बम विस्फोटक घायल सभ सेहो बैसल छलथि।
मिथिला राज्य संघर्ष समितिक आन्दोलनके नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा, जनकपुर उद्योग वाणिज्य संघ आ मारवाड़ी सेवा समिति सेहो सहयोग कऽ रहल अछि।
मिथिला राज्य संघर्ष समितिक संयोजक परमेश्वर कापड़ि प्रशासन अपराधी केँ एहिना नहि छोड़य केँ आ राजनीतिक संरक्षण अपराधीके प्राप्त नहि होए, इ दबाब बनेबा लेल आ पृथक मिथिला राज्य निर्माण लेल आंदोलन शुरु भेल अछि।

जनकपुर बम काण्डक प्रमुख अभियुक्त मुकेश चौधरी पकड़ेबा सं बम काण्डक मुद्दा जनकपुरमे गरमाएल अछि।

Tuesday, March 4, 2014

जनकपुर बम कांडक होएत पर्दाफाश, धराएल मुकेश चौधरी

समदिया : सुजीत कुमार झा

जनकपुर :
मिथिला राज्य आंदोलनक क्रममे रामानन्द चौकपर भेल बम विस्फोटमे संलग्न रहल तराई विद्यार्थी लिबरेशन फ्रन्टक अध्यक्ष मुकेश चौधरी पकड़ा गेल अछि।
नेपाल पुलिसक मोस्ट वान्टेड सूचिमे रहल चौधरीके भारतीय पुलिस पकड़ि कऽ नेपालगंजमे नेपाल पुलिसकेँ सौँप देलक।
२०६९ बैशाख १८ गते जनकपुरक रामानन्द चौक पर भेल बम विस्फोटमे ५ गोटेके मृत्यु भेल छल तऽ ३२ गोटे घायल भेल रहय।
घटनाक बादेसं पुलिस मुकेश चौधरीके ताकि रहल छल। मुकेशके पकड़ेबाक बाद मिथिला बम काण्डमे नव मोड़ ऐबाक सम्भावना अछि। एहि कांडमे दर्जनोँ व्यक्ति फसि सकैत अछि। मिथिला बमकाण्डक वर्तमान प्रहरी महानिरीक्षक उपेन्द्र कान्त अर्याल अनुसन्धान केने छलथि। मुकेश जनकपुरक संचार उद्यमी अरुण सिंघानियाक हत्या काण्डमे सेहो संलग्नता रहल पुलिस जनौलक अछि।
मुकेश चौधरीक तराई क्षेत्रक किछु नेतासभ संग सेहो संलग्नता रहल आ नेतासभ बेर–बेर संरक्षण करैत आएल विभिन्न संचार माध्यम सभमे खबर अबैत रहल अछि।
मुकेश केँ पकड़ेलाक बाद जनकपुर क्षेत्रक राजनीतिमे उथलपुथल ऐबाक चर्चा शुरु अछि।
सुरक्षा स्रोतक अनुसार एक दू दिन भीतर मुकेश केँ नेपाल पुलिस काठमाण्डूमे सार्वजनिक करत।

Thursday, February 27, 2014

मैथिली चलचित्र निर्माण संबंधी कार्याशाला गोष्ठी शुक्रसं

समदिया : सुजीत कुमार झा

जनकपुर : मैथिली चलचित्र निर्माण दिस युवा सभके आर्कषण बढ़ि रहल समयमे मैथिली चलचित्र निर्माण अभिमुखिकरण कार्याशाला गोष्ठी शुक्रदिनसं धनुषाक हारसरमे शुरु भऽ रहल अछि। सात दिवसीय ओ गोष्ठीमे धनुषा, महोत्तरी, सिरहा, सर्लाही, सप्तरी आ मोरंग जिलाक ४० गोटेक सहभागिता रहत।

Sunday, February 16, 2014

मैथिलीक विकासक लेल नेपाल सरकार सक्रिय नहि

पटना : पटना लिटरेचर फेस्टिवल मे प्रज्ञा प्रतिष्ठान, काठमांडू केर सदस्य आ मैथिलीक साहित्यकार राम भरोस कापड़ि भ्रमर कहलनि जे नेपाल मे मैथिली साहित्य कऽ रचना स्वत: स्फूर्ति सं भेल, कोनो मिशन के लं नहि। मैथिली साहित्यक लेल नेपाल सरकार सक्रिय नहि अछि आ यैह कारण अछि जे मैथिली साहित्यक विकास तेज गति सं नहि भेल। जे कोनो पत्र-पत्रिका प्रकाशित भऽ रहल अछि, साहित्यकार अप्पन पेट काटि प्रकाशित कऽ रहल छथि। मैथिली साहित्य पर भेल संगोष्ठी मे ओ कहलनि जे नेपाल मे मैथिली पैघ स्तर पर बाजल जाइत अछि मुदा सरकारक ध्यान एहि दिस नहि।

Thursday, February 6, 2014

जानकी मंदिर : महंथ प्रकरण

जनकपुर : गुठी संस्थान जनकपुर द्वारा जानकी मंदिरक महन्थमे जगदीश दासके नियुक्तिक प्रक्रिया गुपचुप रुपसं बुधदिन आगां बढ़ाबिए रहल समय ओकर कड़गर विरोध भेल छल।