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Saturday, February 22, 2014

बदलत कारु खिरहरि स्थलक दिन, बनत पर्यटनक क्रेँद्र

सहरसा : संत कारु खिरहरि स्थल महिषी आ विषहरी स्थान दिवारी केँ पर्यटन स्थलक रूपे विकसित करबाक लेल चारि-चारि करोड़ रुपयाक योजनाक प्रस्ताव बना सरकार केँ पठाएल गेल अछि। कारू खिरहरि स्थान मे नदी दिस सं सीढ़ी घाटक निर्माण आ दिवारी स्थानमे दीवारक निर्माणक संग दुनू ठाम पर विवाह भवन, पर्यटन भवन आ शौचालयक निर्माण होएत


Saturday, January 18, 2014

बलिराजगढ़क शुरुआती खुदाई मे भेटल घैल आ खपड़ाक टुकड़ा

मधुबनी : विधिवत खुदाई केर आरंम्भक बाद बीतल शुक्र दिनसं बाबूबरही प्रखंण्डक बलिराजगढ़मे खुनबाक काज शुरु भऽ गेल। बलिराजगढ़क उत्तरी दिस टीलानुमा स्थलक घेराबंदीक बीच कोरबाक काज शुरु भेल गेल अछि।
शुक्रकेँ पहिल दिन 40-45 मजदूर लागल छलथि। कोरबाक काज धीरे-धीरे भऽ रहल अछि। एहि काजमे झाडू, चाकू, आड़ी, कोदाइर, ,तेगार आदिक प्रयोग कएल जा रहल अछि। पहिल चरण भोर 8 सं 12 आ फेर दुपहरिया 2 सं 5 बजे धरि काज चलत। उत्खनित घैल आ खपड़ाक छोट-छोट टुकड़ाकेँ प्रतिबंधित क्षेत्रक बाहर झाड़ि-पोछि कऽ राखल जा रहल अछि। उत्खनित सामान पर क्रमश: लोकस क्यू 1 आ लोकस क्यू 2, स्टेअस हयूमस लिखि कऽ राखल गेल अछि।
उत्खनन काज आरंभ होएबा सं मिथिलावासी खुश छथि।

Friday, May 17, 2013

वाराणसीसं बिहार केँ जोड़त स्काई फिशर, अगिला चरणमे रक्सौल आ दरभंगाक नंबर

भागलपुर : अमेरिकी नॉन शेड्यूल एयरलाइन स्काई फिशर कहलक अछि जे ओ उत्तर प्रदेशमे वाराणसी आ बिहारक तीन शहरक बीच नव उड़ान शुरू करत।
कंपनी कहलक अछि जे ओ नॉन शेड्यूल रहैत प्रतिदिन वाराणसी, पटना, गया आ भागलपुरक बीच दू उड़ान चलाओत। इ सेवा छोट 12 सीट वला विमानसं देल जाएत।
स्काई फिशरक महाप्रबंधक विशाल कश्यप बतौलनि जे अगिला चरणमे ओ अप्पन उड़ान मानचित्र पर वाराणसी, रांची, दरभंगा, रक्सौल आ काठमाण्डू केँ जोड़त।
वाराणसीसं पटना, गया, भागलपुरक भाड़ा 3500 सं 4000 रुपयाक बीच रहत।
यात्रीक सुविधा लेल विमानमे कार्गो आ मेडिकल एयर एम्बुलेंसक सेवा देल जाएत।
एहि रूट पर अखन धरि कोनो विमान सेवा उपलब्ध नहि अछि।

Saturday, May 4, 2013

15 मईसं शुरू होएत भागलपुरसं हवाई सेवा

भागलपुर : क्षेत्रक लोक लेल एकटा सुखद समाद इ अछि जे आगामी 15 मई सँ भागलपुर एयरमैप पर आबि जाएत। निजी विमानन कंपनी स्काईफिशर एयरवेज लिमिटेड, भागलपुरसं हवाई सेवा शुरू करबाक घोषणा केलक अछि। भागलपुरसं खुजलाक बाद विमान पटना, गया होइत वाराणसी धरि जाएत। फेर एहि मार्गसं वापस आएत। प्रतिदिन एक सेवा उपलब्ध होएत। इ जनतब स्काईफिशर एयरवेज लिमिटेडक मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषिकेश मिश्रा देलनि।
ओ बतौलनि जे पटना धरिक भाड़ा 2500-3000 रुपया आ वाराणसी धरिक भाड़ा लगभगि 6000 हजार रुपया रहत। स्काईफिशर एयरवेज एहि संबंधमे जिलाधिकारी केँ सूचित केलक अछि। डीएम केँ लिखल पत्रमे प्रबंध निदेशक कहलनि जे, सिंगल इंजन वला इ एयरक्राफ्ट 12 सीटक अछि। एकर निर्माण सेसना एयरक्रांफ्ट कंपनी केलक अछि। प्रबंध निदेशक डीएमसं लैंडिंग आ पार्किंग चार्ज संग सुरक्षा, फायर ब्रिगेड आ एंबुलेंस पर होमय वला प्रशासनिक खर्चाक जानकारी मंगलनि। प्रबंध निदेशक कहलनि जे, चार्टर ऑपरेशन, मेडिकल इमरजेंसी सर्विस आ कार्गो सर्विसक अंर्तगत सेहो सेवा देबाक प्रस्ताव अछि।
प्रबंध निदेशकक अनुसारे भागलपुरसं परिचालन शुरू करबामे हुनका कोनो टा परेशानी नहि अछि। राज्य सरकारक एकटा समितिसं हवाई सेवाक संबंधमे एप्रूवल भेटल अछि। सेवा शुरू करबाक संबंधमे मुख्यमंत्री सचिवालय प्रतिदिन काज पर नजर राखि रहल अछि। सरकार दिससं जिला प्रशासन केँ निर्देश सेहो देल गेल अछिजे यथाशीघ्र सभटा सुविधा उपलब्ध कराओल जाए। राज्य सरकारक प्रधान सचिव संग नगर विमानन विभागक प्रभारी प्रधान सचिव सेहो डीएमसं कतेको बेर संपर्क केलन्हि। सूत्रक मानी तऽ, विकास आयुक्त फूल सिंह स्वयं एहि मामला केँ देखि रहल छथि।

Tuesday, April 30, 2013

दरभंगासँ दैनिक होएत पवन एक्सप्रेस

दरभंगा : बंबइया यात्री लेल खुशखबरी अछि, जल्दिये हुनका सभकेँ आरक्षित टिकटक समस्या खत्म भऽ जाएत। सातू दिन दरभंगा-मुंबई(लोकमान्य तिलक टर्मिनल) लेल ट्रेन भेटत। समस्तीपुर रेलमंडल एहि काजमे लागल अछि आ उमीद अछि जे जुलाई सँ इ ट्रेन दैनिक भऽ जाएत।

बताबी जे अखन दरभंगा सँ मुंबई लेल पवन एक्सप्रेसक परिचालन सप्ताहमे मात्र तीन दिन मंगल, गुरु आ शनि केँ होइत अछि। बाकी चारि दिन इ ट्रेन मुजफ्फरपुरसँ चलैत अछि। एहि ट्रेनमे सभ सीजन पिक होइत अछि। मुंबई लेल एकटा आओर ट्रेन कर्मभूमि एक्सप्रेसक हालत एहन रहैत अछि जे क्षमतासँ चारि गुणा बेसी यात्रीक बोझ उठाबैत अछि। कर्मभूमि प्रति बरख लगभग 70 करोड़ आमद दैत अछि जे दरभंगा जंक्शनक सबसँ बेसी राजस्व देनिहाइर ट्रेन अछि। पवन एक्सप्रेसक दैनिक परिचालनक संबंधमे समस्तीपुरक सीनियर डीसीएम संग जनसंपर्क पदाधिकारी एमएआई हुमायूं एकर पुष्टि करैत कहला जे महाप्रबंधक केँ निर्देश पर एहि पर काज चलि रहली। बरख 13 केर रेल बजटमे मिथिलावासीक मांग छल जे एकटा नव ट्रेन मुंबई लेल भेटय वा पवन केँ दैनिक कएल जाए, से आब पूर्ण होइत बुझाइत अछि!

Saturday, March 30, 2013

मिथिला दर्शन : मुंगेर

मुंगेर : महाभारत कालक मोदगिरी आजु मुंगेरक नामे जानल जाइत अछि। मुंगेर बंगालक अंतिम नवाब मीरकासिम केर राजधानी छल। एतय मीरकासिम गंगा नदीक कछेर लग भव्‍य किलाक निर्माण करौने छलथि। इ किला 1934 मे आएल भीषण भूकंपसँ क्षतिग्रस्‍त भऽ गेल छल, मुदा एकर अवशेष अखनो शेष अछि। (एहि किलाक संबंधमे कहल जाइत अछि जे इ महाभारत कालक अछि) एतय स्थित कष्‍टहरिणी घाट हिन्‍दू धर्मावलंबी लेल पवित्र मानल जाइत अछि। प्रचलित किंवदंतीक अनुसार, गंगा नदीक घाट पर स्‍नान करबासँ एक गोटेक सभटा कष्‍ट दूर भऽ गेल छल, तखनेसँ एहि घाट केँ ''कष्‍टहरिणी घाट' कहल जाइत अछि। एहि पवित्र घाट लग नदीक बीचमे मां सीताचरण केर मंदिर अछि। एतय जेबा लेल नावक सहारा लेल जाइत अछि।

मुंगेरमे कतय घूमी :

1. मुंगेरक किला
: मुंगेर अप्पन ऐतिहासिक धरोहर लेल जानल जाइत अछि। बंगालक अंतिम नवाब मीरकासिमक प्रसिद्ध किला एतय स्थित अछि। इ किला गंगा नदीक कछेरमे बनल अछि। नदी एहि किले केँ पश्चिम आ आंशिक रूपे उत्‍तर दिशासँ सुरक्षित करैत अछि। एहि किलामे चारि गोट द्वार अछि, जाहिमे उत्‍तरी द्वारकेँ लाल दरवाजाक नामे जानल जाइत अछि। इ पैघ दरवज्जाक नक्‍काशीयुक्त पाथरसँ हिन्‍दू आ बौद्ध शैलीमे बनल अछि। किलामे स्थित गुप्‍त सुरंग पर्यटकक आकर्षणक केंद्र अछि। 1934 मे आएल भीषण भूकंप सँ एहि सुरंग केँ बहुत क्षति पहुंचल अछि।

2. पीर शाह नूफाक गुंबद : पीर शाह नूफाक गुंबद किलाक दक्षिणी द्वारक सोँझा एकटा टीला पर स्थित अछि। इ जगह बुद्धिष्‍ठ ढ़ांचाक अंतिम निशानी अछि। एहि गुंबदमे एकटा पैघ प्रार्थना कक्ष अछि जाहिसँ एकटा दरवज्जा जुड़ल अछि। गुंबदक अंदर नक्‍काशी कएल गेल किछु पाथर सेहो देखबा लेल भेटैत अछि जे संभवत: हिन्‍दू मंदिरक अवशेष प्रतीत होइत अछि। इ गुंबद हिंदू आ मुस्लिम संप्रदाय लेल समान रूपे पूजनीय अछि।

3. शाह शुजाक महल :
शाह शुजाक महल मुंगेरक खूबसूरत स्‍थानमे सँ एक अछि। आब एकरा जहल केँ रूपे परिवर्तित कऽ देल गेल अछि। जेलरक ऑफिसक पश्चिममे तुर्की शैलीमे बनल एकटा पैघ स्‍नानागार अछि। महलक बाहर एकटा पैघ कुंआ अछि जे एक गेटक माध्‍यमे गंगा नदीसँ जुड़ल अछि। आब एकरा पर ओहार दऽ देल गेल अछि अन्यथा इहो स्थान पर्यटकक केँ बजाबय चल।

4. सीता कुंड : मुंगेरसँ 6 km पूर्वमे स्थित सीता कुंड मुंगेर आबयवला पर्यटकक आकर्षणक प्रमुख केंद्र अछि। एसि कुंडक नाम पुरुषोत्‍तम रामक धर्मपत्‍नी सीताक नाम पर राखल गेल अछि। कहल जाइत अछि जे जखन राम सीता केँ रावणक चंगुलसँ छोड़ाकऽ अनले छलथि तऽ हुनक अप्पन पवित्रता साबित करबा लेल अग्नि परीक्षा देबय पड़ल छल। धर्मशास्‍त्रक अनुसार अग्निपरीक्षाक बाद सीता मां जाहि कुंडमे स्‍नान केलनि ओ यैह कुंड अछि। इस कुंडकेँ बिहार राज्‍य पर्यटन मंत्रालय पर्यटक स्‍थलक रूपे विकसित केलक अछि। एकरा लग डैमक निर्माण कराओल गेल अछि। एतय खास कऽ माघ मासक पूर्णिमा (फरवरी) मे स्‍नान करबा लेल बहुत भीड़ जुटैत अछि। एहि कुंडक पानि कखनो-कखनो 138° फॉरेनहाइट तक गर्म भऽ जाइत अछि।

5. श्रृंगऋषि :
खड़गपुरक पहाड़ पर स्थित इ तीर्थस्‍थल बहुत प्रसिद्ध अछि। इ मुंगेरसँ 32 कि.मी. दक्षिण-पश्चिममे लक्‍खीसराय जिला (कजरा) लग स्थित अछि। इ स्‍थानक नाम प्रसिद्धऋषि श्रृंगक नाम पर राखल गेल अछि। एतय शिवरातिक शुभ अवसर पर (फरवरीमे) श्रद्धालुक भीड़ जुटैत अछि। पर्यटकक बीच एतुक्का झरना आकर्षणक केंद्र बिंदु अछि। ठंडीक मौसममे एहि झरनाक पानि गर्म भऽ जाइत अछि जाहिमे स्‍नान करबा लेल भारतक कोन-कोनसँ पर्यटक आबैत छथि। एतय एकटा डैमक निर्माण कएल गेल अछि जे एक्कर खूबसूरतीमे चारि चांद लगाबैत अछि। एतय स्थित कुंड जेकरा लोक ऋषिकुंडक नामे जानैत छथि।

एकरा संगे चण्‍डी स्‍थान, मुल्‍ला मोहम्‍मद सईदक मकबरा, खड़गपुरक झील, रामेश्‍वर कुंड, पीर पहाड़, हा-हा पंचकुमारी, उरेन, बहादूरीया-भूर, भीमबांध आदि-आदि सेहो देखबा लायक अछि।

* कोना पहुंची -

1. हवाई मार्ग - मुंगेर आबय लेल जयप्रकाश अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा, जे एतयसँ लगभगि 183 km दूर राजधानी पटनामे स्थित अछि, आएल जा सकैत अछि।

2. रेल मार्ग - मुंगेर स्‍थानीय रेलसेवासँ जुड़ल अछि, मुदा एतुक्का प्रमुख रेलवे स्‍टेशन जमालपुर अछि जतयसँ देशक विभिन्‍न राज्‍य लेल ट्रेन भेटैत अछि।

3. सड़क मार्ग - इ शहर राष्‍ट्रीय राजमार्ग 80 पर स्थित अछि जे लगभगि सभ पैघ शहरसँ जुड़ल अछि। भागलपुरक माध्‍यमे इ शहर उत्‍तरी मिथिला आ दक्षिणी मिथिलाक प्रमुख शहरसँ जुड़ल अछि।

(साभार : यात्रा सलाह डाट काम)

Thursday, March 28, 2013

मिथिला दर्शन : पूर्णिया

पूर्णिया : पूर्णिया जिलासँ दार्जलिंग पर्वत लगभगि 200 किलोमीटरक दूरी पर अछि, एहि कारणे पूर्णिया केँ पुअर मैन दार्जलिंगक नामे जानल जाइत अछि। ऐतिहासिक दृष्टिये इ मिथिलाक बहुत महत्वपूर्ण जगह मानल जाइत अछि। एतय मौर्य आ गुप्त आदि शासक पैघ समय धरि राज केलक। इ जिला अररिया जिलाक उत्तर, कटिहार आ भागलपुर जिलाक दक्षिण, पश्चिम बंगालक पश्चिम दिनाजपुर आ किशजगंजक पूर्व आ मधेपुरा आ सहरसा जिलाक पश्चिमक बीचमे अछि ।


पूर्णियामे कतय घूमी -

1. पुराणदेवी मंदिर : इ मंदिर त्रिपुरा सुंदरीक पुरान मंदिर अछि। त्रिपुरा सुंदरी देवी दुर्गाक एकटा रूप अछि। पूर्णिया शहरमे स्थित एहि मंदिरक प्रति एतुक्का लोकमे बहुत श्रद्धा अछि। मानल जाइत अछि जे एहि मंदिरक निर्माण राजा चंद्रा लाल सिंह करौने छलथि।

2. बनीली : इ गाम पूर्णियाक उत्तरमे लगभगि 13 किलोमीटरक दूरी पर अछि। एहिगाममे एकटा प्राचीन मंदिर आ किला अछि।

3. बारह स्थान : इ मंदिर भवानीपुर लग स्थित अछि। एहि मंदिरक निर्माण 1948 ई. मे कएल गेल छल। मंदिरमे भगवान ब्रह्माक पाथरक बनल मूर्ति स्‍थापित अछि। सभ बरख कार्तिक पूर्णिमाक मौका पर एतय मेलाक आयोजन होइत अछि।

4. भवानीपुर : पूर्णिया शहरक दक्षिण-पश्चिमसँ लगभगि आठ किलोमीटरक दूरी पर कृत्यानन्द नगर लग इ गाम अछि। इ गाम एतय स्थित देवी कामाख्याक मंदिर लेल जानल जाइत अछि। मानल जाइत अछि जे एहि मंदिरमे प्रार्थना केलासँ सभ रोगसँ मुक्ति भेटि जाइत अछि। एहि कारणे एतय भक्तक भीड़ रहैत अछि। सभ बरख चैत मासमे एतय वार्षिक मेलाक आयोजन होइत अछि।

5. धरहरा : धामदहाक उत्तर-पूर्व सँ लगभगि पांच किलोमीटरक दूरी पर धरहरा गाम स्थित अछि। एतयसँ बनमखनी बाजार कनिके दूरी पर अछि। इ मार्केट विशेषत:अप्पन प्राचीन परम्पराक लेल जानल जाइत अछि। एहि गाममे एकटा प्राचीन किला अछि जेकरा साकेतगढ़ केर नामे जानल जाइत अछि। पौराणिक कथाक अनुसार एहि किलाक निर्माण राक्षस, राजा हिरण्यकश्यप करौने छलथि। एतय एकटा एकाश्मक सेहो अछि जेकरा माणिकथन केर नामसँ जानल जाइत अछि। कहल जाइत अछि जेमाणिकथन स्तम्भमे सँ भगवान नरसिंह प्रकट भेल छलथि आ ओ हिरण्यकश्यपक वध केने छलथि।

6. गुलाब बाग : पूर्णिया रेलवे स्टेशन लग इ प्रमुखतया जूटक बाजार अछि। सभ बरख पैघ संख्यामे एतय बहुतो रंगक मेलाक आयोजन होइत अछि।

7. मजरा : यह गाम कृत्यानन्द नगर खण्डमे अछि। एतय एकटा सर्वोदय आश्रम आभगवान शिव जीक मंदिर अछि। सभ बरख शिवरात्रिक अवसर पर शिव मंदिरमे बहुत पैघ मेलाक आयोजन कैल जाइत अछि। पैघ संख्यामे मिथिलावासी मंदिरमे भगवान शिवक दर्शन करबा लेल आबैत छथि।

* कोना जाए -

1. वायु मार्ग : पूर्णियासँ कोलकाता आ पटना लेल हवाई सेवा उपलब्ध अछि। एकरा अलावे पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट अछि जे 313किलोमीटरक दूरी पर अछि। एकरा अलावे गया अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गया सेहो अछि 319 किलोमीटरक दूरी पर अछि।

2. रेल मार्ग : सबसँ नजदीकी रेलवे स्टेशन कटिहार अछि। इ स्थान रेलमार्ग द्वारा भारतक बहुतो प्रमुख शहर सँ जुड़ल अछि।

3. सड़क मार्ग : राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर31 सँ पूर्णिया पहुंचल जा सकैत अछि। भारत बहुतो क्षेत्र जेना उत्तर प्रदेश, बंगाल, आसाम, उड़ीसा आ झारखंड आदि सँ पूर्णिया सड़क मार्ग द्वारा आसानी सँ पहुंचल जा सकैत अछि।

(साभार : यात्रा सलाह डाट काम)

Monday, November 19, 2012

सुप्रसिद्ध बूढ़ी माई मंदिर मेँ भेल चोरी

मधुबनी : जिलाक राजनगर थाना क्षेत्रक मंगरौनी गाम स्थित प्रसिद्ध बूढ़ी माई भगवती मंदिर से बीतल शनिक राति अज्ञात चोर लाखोँ रुपयाक आभूषणक संगे आन बहुतो सामान चोरी कऽ लेलक।मंदिरक पुजारी सुभाष चन्द्र झा बतौलैथ जे चोर मंदिर से चानीक छतरी,चाल,छह टा मुकुट,मटरमाला,हार,सोनाक दू टा बिँदी आ नगद रुपया संगे बहुतो कीमती सामान चोरा लेलक,जेकर अनुमानित राशि दू लाख आंकल जा रहल अछि।एहि संबंध मेँ मंदिर केर पुजारीक कहब पर राजनगर थाना मेँ एफआईआर दर्ज कऽ लेल गेल हँ।

घटनाक संबंध मेँ अपर निरीक्षक प्रवीण कुमार बतौलैथ जे मंदिर केर मुख्य दरवाजा पर लागल ताला के तोड़ि के चोर मंदिर मेँ प्रवेश कयलक।मंदिर परिसर के शांत देखि सभ कीमती सामानक चोरी कयलक।ओ कहलैथ जे मामलाक भंडाफोड़ करय लेल सघन छापेमारी जारी अछि।

Wednesday, October 17, 2012

मधुबनी केर किछु प्रमुख स्थल

मधुबनी जिला केर तीर्थ स्थल :-
1.विदेश्वर स्थान 2.कल्याणेश्वर(कलना)स्थान
3.चंडेश्वर स्थान
4.परसा सूर्य मंदिर
5.उच्चैठ भगवती स्थान
6.फूलहर
7.विशौल
8.गांडीवेश्वर
9.कमलादित्य स्थान
10.देवहार मुक्तेश्वर स्थान 11.भीठ भगवानपुर
12.माधवेश्वर स्थान 13.शिलानाथ
14.उग्रनाथ महादेव स्थान 15.हैँठी-बाली
16.परमेश्वरी स्थान 17.मदनेश्वर स्थान


मधुबनी जिला केय ऐतिहासिक स्थल :- 1.पस्टन
2.बलिराजगढ़
3.कनदर्पीघाट
4.मुशहरनिया डीह 5.रखवारी(सूर्य मंदिर) 6.मड्डकिया
7.फूलवारी-पताढ़ि
8.फटक कुटी(लक्ष्मीनाथ गोसाईँ)
9.विस्फी(विधापति नगर)