परिषदक महासचिव प्रेमकांत झा बतौलनि जे मिथिला मे सांस्कृतिक धरोहरक संग प्राकृतिक आओर मानव संसाधनक कमी नहि मुदा तयौ इ क्षेत्र समस्या सं जूझैत अछि। एकर सभसं पैघ कारण अछि जे हम सभ शांतिप्रिय छी, नकारात्मक संघर्ष नहि करैत छी जेकरा केँद्र आ राज सरकार हमर सभक कमजोरी बुझि उपेक्षा कऽ रहल अछि। आब समय आबि गेल अछि जे हम सभ अप्पन अधिकारक लेल संग आबी, मैथिली भाषा केँ सभटा संवैधानिक अधिकार दियाबय लेल आगां आबी।
27म अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन आइ सं दरभंगा मे
दरभंगा : अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषदक तत्वावधान मे 27म अंतरराष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक दू दिना आयोजन 21 आ 22 दिसंबर क होएत। सीएम साइंस कालेजक कामेश्वर भवन मे होमय वला एहि कार्यक्रम मे नेपालक पूर्व मंत्री रामचंद्र झा, LNMU क कुलपति डा. साकेत कुशवाहा, डा. भुवनेश्वर प्रसाद गुरमैता, परिषदक प्रमुख धनाकर ठाकुर लगाइत मैथिली प्रेमी सभ उपस्थित रहतथि।
परिषदक महासचिव प्रेमकांत झा बतौलनि जे मिथिला मे सांस्कृतिक धरोहरक संग प्राकृतिक आओर मानव संसाधनक कमी नहि मुदा तयौ इ क्षेत्र समस्या सं जूझैत अछि। एकर सभसं पैघ कारण अछि जे हम सभ शांतिप्रिय छी, नकारात्मक संघर्ष नहि करैत छी जेकरा केँद्र आ राज सरकार हमर सभक कमजोरी बुझि उपेक्षा कऽ रहल अछि। आब समय आबि गेल अछि जे हम सभ अप्पन अधिकारक लेल संग आबी, मैथिली भाषा केँ सभटा संवैधानिक अधिकार दियाबय लेल आगां आबी।
परिषदक महासचिव प्रेमकांत झा बतौलनि जे मिथिला मे सांस्कृतिक धरोहरक संग प्राकृतिक आओर मानव संसाधनक कमी नहि मुदा तयौ इ क्षेत्र समस्या सं जूझैत अछि। एकर सभसं पैघ कारण अछि जे हम सभ शांतिप्रिय छी, नकारात्मक संघर्ष नहि करैत छी जेकरा केँद्र आ राज सरकार हमर सभक कमजोरी बुझि उपेक्षा कऽ रहल अछि। आब समय आबि गेल अछि जे हम सभ अप्पन अधिकारक लेल संग आबी, मैथिली भाषा केँ सभटा संवैधानिक अधिकार दियाबय लेल आगां आबी।
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