पटना : मैथिली लेखक संघ, पटनाक तत्त्वावधान मे तीन दिनी मैथिली लिटरेचर फेस्टिवलक शुरुआत काल्हि माने 12 दिसंबर सं होएत जे 14 दिसम्बर धरी चलत। प्रातः 10 बजे मायानंद मिश्र, जीवकांत मिश्र, महाप्रकाश आ ज्योत्स्ना चन्द्रम कें श्रद्धांजलि द कार्यक्रम क शुरुआत होएत। एकरा बाद एकटा भारतीय मैथिली लेखक क पोथी पर विमर्श, मैथिली सं आन भाषा आ आन भाषा सं अनुवाद पर विमर्श आदि होएत।
दोसर दिन मैथिली बाल साहित्य, मैथिली पोथीक बाजार पर विमर्श, पमरिया लोकनाट्यक प्रस्तुति आ ओहि पर विमर्श, मैथिली फिल्मक निर्माता-निर्देशक सं गपसप आ मैथिली फ़िल्मक प्रदर्शन होएत।
कार्यक्रमक तेसर आ अंतिम दिन एकटा नेपाली मैथिली लेखक क पोथी पर विमर्श, भारत ओ नेपालक सांस्कृतिक समन्वय पर विमर्श आ मैथिली लघु फिल्म पर विमर्श आ मैथिली फ़िल्मक प्रदर्शन होएत।
एहि फेस्टिवल मे भारत ओ नेपालक मैथिली साहित्य सं जुरैल लोकक जुटानी रहत। मैथिली लेखक संघ कें इ आस अछि जे इ कार्यक्रम भारत ओ नेपालक बीच सांस्कृतिक सेतुक निर्माण करत। एहि आयोजन कें भारत ओ नेपालक बहुतो संस्थाक सहयोग भेटि रहल अछि।
दोसर दिन मैथिली बाल साहित्य, मैथिली पोथीक बाजार पर विमर्श, पमरिया लोकनाट्यक प्रस्तुति आ ओहि पर विमर्श, मैथिली फिल्मक निर्माता-निर्देशक सं गपसप आ मैथिली फ़िल्मक प्रदर्शन होएत।
कार्यक्रमक तेसर आ अंतिम दिन एकटा नेपाली मैथिली लेखक क पोथी पर विमर्श, भारत ओ नेपालक सांस्कृतिक समन्वय पर विमर्श आ मैथिली लघु फिल्म पर विमर्श आ मैथिली फ़िल्मक प्रदर्शन होएत।
एहि फेस्टिवल मे भारत ओ नेपालक मैथिली साहित्य सं जुरैल लोकक जुटानी रहत। मैथिली लेखक संघ कें इ आस अछि जे इ कार्यक्रम भारत ओ नेपालक बीच सांस्कृतिक सेतुक निर्माण करत। एहि आयोजन कें भारत ओ नेपालक बहुतो संस्थाक सहयोग भेटि रहल अछि।

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