Monday, December 3, 2012

धनुषा जिल्लामे सिंघराड़ाक खेतीः जनकपुरमे बढल गाममे घटल


जनकपुर सँ सुजीत कुमार झाक रिपोर्ट: सिंघराडाकेँ पसिन करए बलाक संख्या बढि रहल होइतो धनुषाक ग्रामीण क्षेत्रमे एकर उत्पादन करय सँ लोक कतरा रहल अछि । किछु वर्ष पूर्व धरि जिल्लाक दर्जनो खत्तामे सिंघराडाक उत्पादन होइत छल । मुदा एखन आंगुरपर गनएकेँ अवस्था रहि गेल अछि |किछु पोखरिसभमे माछ उत्पादन होबए लागल अछि तऽ किछुकेँ खेत बना देल गेल अछि ।

एहि काजमे लम्बा समय सँ सक्रिय रहल धनुषाक गंगुलीक मल्लाह गुमानी मुखियाआम्दानी बढिया नहि भेलाक कारण ई काज छोड़ने छी बतौलन्हि । मुखियाकेँ गंगुलीकेँ पुरनी पोखरिमे सिंघराड़ा होइत छल । एखन ओ पोखरिमे माछक उत्पादन होइत अछि । स्वास्थ्यक लेल लाभ दायक मानल जाएबला सिंघराड़ा जनकपुरक व्यापारी सभ भारते सँ आनि कऽ बेचैत अछि।

भारत सँ सिंघराडा आनि बेचलाक कारण महंग मोलमे विक्री करय पडि रहल जनकपुरक व्यापारी सभ स्वीकार करैत छथि।जनकपुर बजारमे एखन 60 टकाक किलो सिंघराडा विक्री होइत अछि ।

ग्रामीण क्षेत्रमे सिंघराडाकेँ विक्रीमे कमीक प्रमुख कारण सरकारी निकायकेँ उदासिनता रहल व्यापारी सभ आरोप लगबैत छथि । ओना जिल्ला कृषि विकास कार्यालय धनुषाक अधिकारी सभ सेहो स्वीकारैत छथि जे कृषि विकास कार्यालयमे सिंघराडाकेँ विकासक लेल कोनो योजना नहि अछि ।कृषि विकास कार्यालयक वागवानी विकास अधिकृत राम सोगारथ मण्डल धनुषामे सिंघराडा कतेक उत्पादन होइत अछि तकर तथ्यांक नहि रहलस्वीकारैत छथि । ओना जनकपुरमे एकर उत्पादन बढल अछि । जनकपुर नगरपालिका 8मे डेढ़ विग्घामे सिंघराडाक खेती कऽ बढिया कमाइ भेल सिंघराडाक कृषक वेचन मुखिया कहैत छथि दू तीन फिट पानि रहल खत्तामे होबएबला सिंघराडाकेँ जनकपुरमे करिव 50 टा सँ बेसी पोखरिमे एहि बेर उत्पादन भेल अछि । साउन महिनामे विया छिटल जाइत अछि आ कातिक अगहनमे उत्पादन होइत कृषक सभ कहैत छथि।

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