सवमे बहुतो लोक मिथिला-मैथिली पर क्रेँदित विचार रखलनि!
मिथिला महोत्सव करेलक मिथिलाक संस्कृतिसं परिचय : शीला दीक्षित
नई दिल्ली : अखिल भारतीय मिथिला संघक तत्वावधानमे आयोजित दू दिवसीय मिथिला महोत्सवमे मुख्य अतिथिक रुपे दिल्ली मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कलाकारक प्रस्तुति देखि कहलनि जे बड्ड दिनक बाद मिथिलाक संस्कृति केँ एतेक लगसं देखबाक मौका भेटल। ओ रंगारंग कार्यक्रमक उद्घाटन कऽ मिथिला संघक एहि तरहक आयोजनक लेल सराहना केलन्हि। महोत्सवमे मिथिलाक विधायक विनोद नारायण झा, संघक अध्यक्ष विजय चंद झा, उपाध्यक्ष डॉ. ममता ठाकुर, महासचिव शंभूनाथ मिश्र आ विश्वमोहन झा संगे कतेको पदाधिकारी उपस्थित छलथि।
रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉलमे आयोजित मिथिला महोत्सवक दौरान संघक अध्यक्ष विजय चंद झा संघक 40 बरखक गौरवमयी इतिहासक वर्णन केलन्हि। ओ कहलनि जे अखिल भारतीय मिथिला संघ मिथिलाक सर्वागीण विकासमे अप्पन स्तरसं पैघ योगदान देलक अछि। डॉ. वीरेंद्र मलिक कहलनि जे मिथिलाक लोक संस्कृतिक दिव्य परंपरा रहल अछि, एकर तीन प्रमुख स्तंभ अछि लोक नाट्य, लोक संगीत आ लोक संस्कृति। एकर विवेचन, विश्लेषणसं एकर रूप स्पष्ट होइत अछि। जरूरी अछि जे एहि तरहक कार्यक्रमक आयोजन होइत रहय ताकि नव पीढ़ी मिथिलाक गौरवमयी संस्कृतिसं रूबरू होए। विनोद नारायण झा, प्रवीण नारायण चौधरी लगाइत
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